Sonbhadra News : शिक्षा के व्यवसायिकरण के खिलाफ एबीवीपी का हल्लाबोल, डीएम को सौंपा ज्ञापन
जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी, शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण और शैक्षिक भ्रष्टाचार के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की.......

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते एबीवीपी के कार्यकर्ता.....
sonbhadra
5:22 PM, May 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• निजी स्कूलों की मनमानी फीस, किताब-ड्रेस कमीशनखोरी और आरटीई उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग
सोनभद्र । जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी, शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण और शैक्षिक भ्रष्टाचार के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिषद पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिले के कई निजी विद्यालय नियमों को ताक पर रखकर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इन अनियमितताओं पर मौन बने हुए हैं।
इस दौरान व्यक्ताओं ने कहा कि "कई निजी विद्यालय अभिभावकों पर दबाव बनाकर तय दुकानों से ही किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जो केंद्र सरकार के नियमों के विरुद्ध है। परिषद ने ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है। एबीवीपी ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब एवं वंचित बच्चों के प्रवेश के नियम का भी मुद्दा उठाया। परिषद ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकांश महंगे निजी विद्यालय इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। ज्ञापन में पात्र विद्यार्थियों की सूची सार्वजनिक करने तथा विद्यालयों में आरटीई नियम को स्थायी रूप से प्रदर्शित कराने की मांग की गई। परिषद ने निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही मनमानी एडमिशन फीस, वार्षिक शुल्क और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों को भी बड़ा मुद्दा बताया। ज्ञापन में कहा गया कि एलकेजी से लेकर आठवीं तक के छात्रों से हजारों रुपये किताबों और फीस के नाम पर वसूले जा रहे हैं, जबकि एनसीईआरटी पुस्तकों की जगह निजी प्रकाशनों की किताबें चलाकर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। वहीं एबीवीपी ने मांग की कि निजी विद्यालयों की फीस के लिए स्पष्ट गाइडलाइन बनाई जाए तथा शुल्क वृद्धि पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं। साथ ही विद्यालयों से शुल्क संबंधी शपथ पत्र लेने और नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि "जिले में कई स्कूल बिना मान्यता और बिना मानक के संचालित हो रहे हैं। परिषद ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से ऐसे विद्यालयों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। वहीं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों से अवैध शुल्क वसूली का भी मुद्दा उठाया गया। वहीं एबीवीपी के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिलेभर में बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।"
इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन निषाद, विभाग संयोजक सौरभ सिंह, प्रांत संयोजक अनमोल सोनी, जिला संयोजक ललितेश मिश्र, प्रांत सह संयोजक एसएफएस राहुल जलान, प्रांत सह संयोजक खेलो भारत मृगांक दुबे, राज सिंह, अभय सिंह, आशुतोष मोदनवाल, विश्वजीत, सिद्धार्थ, हर्ष, सक्षम, शिवम, नीतीश सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।




