Sonbhadra News : आप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर किया विरोध प्रदर्शन
आज बढ़ौली चौक पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र सरकार से इस समझौते को तत्काल निरस्त करने की मांग की.....

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6:11 AM, February 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज बढ़ौली चौक पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र सरकार से इस समझौते को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
इस दौरान जिलाध्यक्ष रमेश गौतम ने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई इस ट्रेड डील को लेकर देशभर में गहरी चिंताएं और व्यापक आशंकाएं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते की शर्तों, संभावित लाभार्थियों और दूरगामी प्रभावों को लेकर न तो संसद को विश्वास में लिया गया और न ही देश की जनता के समक्ष पूर्ण पारदर्शिता बरती गई। गौतम ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ भारतीय उद्योग समूहों के खिलाफ जांच और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कार्रवाइयां चल रही हैं। ऐसे समय में जब उद्योगपति अडानी को अमेरिका में समन जारी होने और एप्स्टीन प्रकरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने जैसी घटनाएं सामने आई हैं, तब मोदी-ट्रंप ट्रेड डील की संवेदनशीलता और प्राथमिकताओं पर स्वाभाविक प्रश्न उठते हैं।"
काशी प्रांत के पूर्व उपाध्यक्ष नीरज पांडे ने राफेल सौदे का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी अनिल अंबानी की 12 दिन पुरानी कंपनी को ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने पर गंभीर सवाल उठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नीतिगत निर्णयों से चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों को लाभ पहुंचाया गया था। पांडे ने मांग की कि मोदी-ट्रंप ट्रेड डील के संबंध में यह स्पष्ट किया जाए कि कहीं यह समझौता भी किसी विशेष उद्योग समूह को लाभ पहुंचाने की मंशा से तो नहीं किया गया है।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष केवल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने देश के करोड़ों किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रख दिया है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा, जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैक्स वसूलेगा। कुशवाहा ने इसे भारतीय कृषि बाजार को अमेरिकी किसानों के लिए खोलने का गंभीर कदम बताया।
पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा कि अमेरिका में किसानों को लगभग 80 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में भारतीय किसान, जिन्हें ऐसी कोई सब्सिडी नहीं मिलती, अमेरिकी किसानों से कैसे प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे।




