मौके पर मौजूद गांव के रामचंद्र, अमरेश चंद्र, मुन्ना, जट्टू, अरविंद, आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में कार्यरत शिक्षामित्र आज कई महीनों से स्कूल नहीं आता है बल्कि वह स्कूल का कार्य छोड़कर अपना निजी कार्य में ही पिछले कई महीने से व्यस्त रहता हैं। वहीं सहायक अध्यापक भी पिछले पांच दिनों से स्कूल नही आ रहे हैं जिससे बच्चे प्रतिदान सुबह कड़ाके की ठंड में इस उम्मीद के साथ आ जाते हैं कि शायद आज गुरुजी आएंगे । लेकिन पांच दिन बीत गए स्कूल में कोई भी टीचर नही आया । विद्यालय में सिर्फ रसोइया रोज की भांति आती हैं और एमडीएम बनाकर बच्चो को खिलाकर वापस चली जाती हैं। जिससे नाराज छात्रों ने आज शुक्रवार को स्कूल के सामने प्रदर्शन कर पठन-पाठन सुचारू रूप से संचालित किए जाने की मांग की हैं।