वहीं निरीक्षण के दौरान भारत खाद एवं बीज भण्डार के प्रो0 विजय कुमार के प्रतिष्ठान पर मात्र दो बोरी डीएपी उर्वरक पायी गयी, जिसके सम्बन्ध में प्रतिष्ठान के मालिक द्वारा किसी भी प्रकार की जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गयी। वहीं खेती बारी बीज एवं खाद भण्डार के निरीक्षण के समय मौके पर एक कृषक द्वारा अपने ट्रैक्टर पर डीएपी, यूरिया व एनपीके आदि उर्वरक लोड किया गया था। कृषक से पूछे जाने पर बताया कि वह उक्त उर्वरक प्रो0 परमेश्वर से क्रय किया है। कृषक द्वारा डीएपी उर्वरक का मूल्य ₹1350 बताया गया। जबकि ग्राम कैथी के कृषक ने बताया था कि उसने DAP उर्वरक चतरा बाजार से ₹1550 में खरीदा था। मौके पर दुकानदार परमेश्वर से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह DAP उर्वरक 150 प्रति बैग की दर से अजय कुमार एण्ड कम्पनी, जंगी रोड मीरजापुर से क्रय करके लाया है। स्टॉक रजिस्टर मांगे जाने पर परमेश्वर द्वारा प्रस्तुत किया गया किन्तु उक्त स्टॉक रजिस्टर में उक्त डीएपी उर्वरक का अंकन होना नहीं पाया गया। उक्त के साथ ही प्रतिष्ठान के बाहर वर्तमान स्टाक एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं पायी गयी, जो उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक एवं मिश्रत) नियंत्रण आदेश 1985 के क्लाज संख्या-04(1) (2) का उल्लंघन के साथ ही उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक एवं मिश्रत) नियंत्रण आदेश 1985 के क्लाज संख्या-04(1) (2) (3) के अन्तर्गत उर्वरक विक्रय लेखा अभिलेखों एवं रिर्टन न सब्मिट का उल्लंघन प्रतीत होता है।