Sonbhadra News : मलेरिया नियंत्रण के दावे फेल, एक ही गाँव में मिले मलेरिया के एक दर्जन रोगी, हड़कंप
बरसात के दिनों में जल जमा होने से मच्छरों की उत्पत्ति अधिक मात्रा में हो रही है और इससे जन स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। स्वास्थ्य कैम्प के दौरान चोपन विकास खंड के पौशीला गाँव में मलेरिया के...

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7:21 AM, September 15, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बरसात के दिनों में जल जमा होने से मच्छरों की उत्पत्ति अधिक मात्रा में हो रही है और इससे जन स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। स्वास्थ्य कैम्प के दौरान चोपन विकास खंड के पौशीला गाँव में मलेरिया के 11 मरीजों को मिलने के बाद स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया। जिसके साथ ही जिले में स्वास्थ्य महकमें की मलेरिया नियंत्रण के दावे की भी पोल खुल गयी। स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सभी मरीजों को सीएचसी चोपन में भर्ती कराया गया है।
शुक्रवार को चोपन विकास खंड अंतर्गत पौशीला गाँव में हंस फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्वास्थ्य कैम्प लगाया गया था। जाँच के दौरान 11 ग्रामीणों का पीएफ पॉजिटिव आने के बाद कैम्प कर रहे कर्मचारियों ने इसकी जानकारी तत्काल उच्चाधिकारीयों को दी जिसके बाद सीएमओ के निर्देश पर गांव में पहुँचे एसीएमओ और जिला मलेरिया अधिकारी ने मलेरिया से प्रभावित सभी 11 लोगों को सीएचसी चोपन में भर्ती करा दिया।
वहीं सीएमओ डॉ0 अश्वनी कुमार ने बताया कि "जिले में म्योरपुर और जुगैल का क्षेत्र मलेरिया प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। इसी जाँच के लिए जुगैल क्षेत्र में शुक्रवार को स्वास्थ्य कैम्प लगाया गया था, जिसमें 11 ग्रामीण मलेरिया प्रभावित पाए गए। जिन्हें उपचार के लिए सीएचसी चोपन में भर्ती कराया गया है, सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।"
ऐसे में जिले में स्वास्थ्य महकमें के दवा छिड़काव और नियंत्रण के दावों की हकीकत को एक बार फिर उजागर कर दिया। मलेरिया की रोकथाम के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई खास प्रयास नहीं किए जा रहे हैं बल्कि सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जाती है। ऐसे में जिले का मलेरिया विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 2027 तक मलेरिया मुक्त प्रदेश की परिकल्पना पर बट्टा लगाता प्रतीत हो रहा है।




