Sonbhadra News : एक दिन पहले शाहगंज... अब रॉबर्ट्सगंज, फिर भी नहीं जागा बिजली विभाग, मौत से जूझ रहे दो लाइनमैन
बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर एक परिवार की खुशियां उजाड़ने पर उतारू दिखी। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी का खामियाजा इस बार रॉबर्ट्सगंज के एक निविदा..........

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8:29 PM, August 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर एक परिवार की खुशियां उजाड़ने पर उतारू दिखी। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी का खामियाजा इस बार रॉबर्ट्सगंज के एक निविदा लाइनमैन को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ा। शटडाउन लेने के बाद बिजली दुरुस्त करने पोल पर चढ़े लाइनमैन को अचानक 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन लाइन में करंट दौड़ जाने से जोरदार झटका लगा और वह कई फीट ऊपर से नीचे गिर पड़े। गंभीर रूप से झुलसे और घायल लाइनमैन का मेडिकल कॉलेज लोढ़ी में इलाज चल रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब लाइन पर कर्मचारी काम कर रहा था तो आखिर बिजली किसके आदेश पर चालू हुई? अगर शटडाउन के बाद भी कर्मचारी सुरक्षित नहीं है तो विभाग की पूरी सुरक्षा व्यवस्था आखिर किस काम की है?
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बिरधी गांव निवासी अवधेश कुमार मंगलवार सुबह ब्रह्मनगर में फॉल्ट ठीक करने पहुंचे थे। विभागीय प्रक्रिया के तहत शटडाउन लेने के बाद वह पोल पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक 11 हजार वोल्ट की लाइन में बिजली प्रवाहित हो गई। तेज करंट लगते ही अवधेश कुमार बुरी तरह झुलस गए और पोल से नीचे आ गिरे। मौके पर मौजूद साथी लाइनमैनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में उन्हें लोढ़ी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
"मेरे पति की जान की कीमत किससे वसूलेंगे?" फूट पड़ा पत्नी का दर्द -
हॉस्पिटल में अकेले अपने पति के साथ मौजूद घायल लाइनमैन की पत्नी किस्मती देवी का गुस्सा और दर्द दोनों साफ झलक रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही ने मेरे पति को मौत के मुंह में धकेल दिया। जेई धर्मेंद्र पटेल सुबह सिर्फ औपचारिकता निभाने आए और फिर मौके से गायब हो गए। अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाते तो आज मेरे पति अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ने को मजबूर नहीं होते। रोज गरीब लाइनमैन अपनी जान हथेली पर रखकर बिजली ठीक करते हैं, लेकिन हादसा होने पर अधिकारी जिम्मेदारी से बच निकलते हैं। अगर मेरे पति को कुछ हुआ तो इसका पूरा जिम्मेदार बिजली विभाग और संबंधित अधिकारी होंगे। दोषियों के खिलाफ हत्या के प्रयास जैसा मुकदमा दर्ज होना चाहिए ताकि भविष्य में किसी और गरीब परिवार का सहारा इस तरह मौत के मुंह में न जाए।"
हादसे पर हादसे..................आखिर कब जागेगा विभाग?
सबसे हैरानी की बात यह है कि सोमवार को शाहगंज क्षेत्र में भी शटडाउन के दौरान अचानक बिजली चालू हो जाने से एक निविदा लाइनमैन करीब पांच मिनट तक पोल पर करंट से चिपका रहा था और गंभीर रूप से झुलस गया था। उस घटना में भी मौके पर मौजूद जेई पर घायल लाइनमैन को उसी हालत में छोड़कर चले जाने के आरोप लगे थे। विभाग उस हादसे से सबक भी नहीं ले पाया कि महज 24 घंटे के भीतर रॉबर्ट्सगंज में फिर वैसा ही हादसा हो गया।
कब तक मौत के साए में काम करेंगे लाइनमैन?
लगातार हो रही ऐसी घटनाएं इस बात कि ओर इशारा कर रही हैं कि बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों का पालन सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है। शटडाउन जैसी सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया भी अगर सुरक्षित नहीं है तो फील्ड में काम करने वाले निविदा लाइनमैनों की जिंदगी भगवान भरोसे है। हर हादसे के बाद जांच के आदेश, जिम्मेदारी तय करने और कार्यवाही के दावे किए जाते हैं, लेकिन नतीजा शून्य रहता है। सवाल यह है कि क्या विभाग किसी बड़े जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कभी वास्तविक कार्यवाही भी होगी? आज फिर एक परिवार अस्पताल के बाहर अपने घर के कमाऊ सदस्य की सलामती की दुआ कर रहा है, जबकि विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहा है।




