Sonbhadra News : स्वास्थ्य विभाग में चल रहा है बड़ा रैकेट, छापेमारी के पहले हो जाती है अस्पताल संचालकों को जानकारी- गुरु प्रसाद
बभनी छापेमारी करने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने यह कह कर हड़कम्प मचा दिया कि स्वास्थ्य विभाग में बहुत बड़ा रैकेट चल रहा है।

गुरु प्रसाद (सह नोडल अधिकारी)
sonbhadra
9:51 AM, January 13, 2026
शान्तनु कुमार
० विभाग में ही छिपा है विभीषण
० बभनी छापेमारी के दिन ऐसे संदिग्ध विभागीय लोगों के कॉल डिटेल खंगाला जाय तो सामने आ सकता है विभीषण
० नोडल को पता नहीं, बभनी में चल रहा था छापेमारी
० विभागीय तालमेल की कमी का फायदा उठाते है रैकेट माफिया
० लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ होनी चाहिए बुल्डोजर जैसी कार्यवाही
सोनभद्र । क्या सोनभद्र माफियाओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा राय है। चाहे नशे से जुड़ा मामला हो या फिर कोडिन सिरप या फिर शादी की झांसा देकर यहाँ की गरीब लड़कियों को गैर राज्यों में ले जाकर बेचने का मामला। ऐसे तमाम रैकेट सोनभद्र जुड़े हुए हैं। यह दिगर है कि पुलिस समय - समय पर कार्यवाही कर अपराध में कमी ला दी है। लेकिन फिर भी किसी भी रैकेट का जड़ से खात्मा नहीं हो सका, उसकी एक बड़ी बजह उपरोक्त सभी अपराध के तार बहुत बड़े व दूर तक जुड़े हुए है ।
इसी कड़ी में बभनी छापेमारी करने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने यह कह कर हड़कम्प मचा दिया कि स्वास्थ्य विभाग में बहुत बड़ा रैकेट चल रहा है। उन्होंने यह भी खुलासा कि यहाँ अवैध रूप से चला रहे अस्पताल व पैथोलाजी सेंटर संचालकों को छापेमारी की जानकारी यहाँ आने से पहले ही हो गयी थी। जिसका नतीजा यह रहा कि ऐसे संचालक अवैध अस्पताल व पैथोलाजी सेंटर बन्द कर फरार हो गए थे। सह नोडल ने गालीबाज अस्पताल संचालक के वायरल वीडियो के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से उसकी भाषा व धमकी का लहजा था निश्चित तौर पर उसके पीछे कोई खड़ा है जो गलत कार्यों में पूरी तरह सपोर्ट कर रहा है। हालांकि सीएमओ के निर्देश पर एफआईआर के लिएथाने में तहरीर दिया गया गया।
सह नोडल के इस पूरे बयान से यह तो साफ है कि जिले में एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है जो लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड कर रहा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि ऐसा नहीं कि ऐसे रैकेट सिर्फ दूरस्थ जगहों पर चल रहे हैं। बल्कि मुख्यालय सहित पूरे जिले में अवैध अस्पताल व पैथोलाजी चल रहे हैं। बड़ी बात यह है कि ऐसे रैकेट से जुड़े लोग गरीब लोगों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कभी-कभी गरीब को इतना बिल थमा दिया जाता है कि उसे देने के लिए अपनी जमीन तक बेचनी पड़ जाती है और न देने पर बंधक बना लिया जाता है।
ऐसे में इस तरह के रैकेट को खत्म करने के लिए जब तक स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम को लेकर टास्क फोर्स नहीं बनेगा और हर किसी अधिकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी तय नहीं होगी तब तक यह धन्धा यूं ही फलता-फूलता रहेगा।



