Sonbhadra News : जमीन हथियाने के लिए रच दिया बड़ा खेल, सरकारी दस्तावेजों में भगवान मृत
अभी तक आपने जिंदा-मृतक के कई मामले सुने व देखे होंगे । लेकिन आज हम आपको जिंदा-मृतक से जुड़े एक ऐसे मामले के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप भी सन्न रह जाएंगे।

जिलाधिकारी को पत्रक देते समिति के उपाध्यक्ष
sonbhadra
10:13 PM, February 4, 2025
शान्तनु कुमार/आनंद चौबे
सोनभद्र । अभी तक आपने जिंदा-मृतक के कई मामले सुने व देखे होंगे । लेकिन आज हम आपको जिंदा-मृतक से जुड़े एक ऐसे मामले के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप भी सन्न रह जाएंगे। मंगलवार को घोरावल में काम करने वाली शिव-पार्वती प्राचीन काशी सेवा समिति ने बड़ा आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा कि शिवद्वार मंदिर के पुजारी परिवार ने भगवान शिव-पार्वती को सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया । और उनके स्थान पर अपने परिवार का दर्ज करा दिया। इस तरह के मामले को सुनकर जिलाधिकारी ही नहीं बल्कि वहां मौजूद सभी लोग हैरान थे ।
शिव-पार्वती प्राचीन काशी सेवा समिति के उपाध्यक्ष श्रीकांत दुबे ने बताया कि समिति के सचिव शिव नारायण सिंह के परिवार ने भगवान शिव-पार्वती के नाम जमीन दान दी थी और वहां पूजा पाठ के लिए पुजारी को नियुक्त किया गया था । लेकिन धीरे-धीरे पुजारी परिवार ने मंदिर की जमीन को फर्जी ढंग से अपने नाम कर लिया। इतना ही नहीं सरकारी दस्तावेजों में शिव-पार्वती को मृत तक दिखा दिया गया । समिति के उपाध्यक्ष ने बताया कि पुजारी परिवार यहीं नहीं रुका और दस्तावेजों में नाम चढ़ने के बाद उस पर लोन तक ले लिया ।
वहीं इस पूरे मामले को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले को निस्तारित करने के लिए एडीएम को कहा ।
लेकिन यहां बड़ा सवाल तो यह है कि जब जमीन शिव-पार्वती के नाम थी तो आखिर उनको मृत कैसे दिखा दिया गया । इससे साफ है कि घोरावल तहसील में उम्भा कांड के बाद भी जमीनी विवाद थमा नहीं । बल्कि अब लोग भगवान तक को नहीं छोड़ रहे । और ये सब बिना मिली भगत के सम्भव नहीं है ।




