जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त 2026 को रेनुकूट में सड़क किनारे एक नौ वर्षीय बालक परेशान हालत में रोता हुआ मिला। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम के सदस्य धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे और बालक को सुरक्षित रेस्क्यू किया। पूछताछ में बालक ने अपना नाम आयुष, पिता का नाम बजरंगी और माता का नाम लक्ष्मी देवी बताया, लेकिन अपने गांव अथवा घर का पता बताने में असमर्थ था। ऐसे में टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चे को उसके परिवार तक पहुंचाने की थी। टीम ने लगातार उसकी काउंसलिंग की और प्यार से बातचीत कर उसके घर व आसपास के स्थानों के बारे में जानकारी जुटाई। काफी प्रयास के बाद आयुष ने कुछ ऐसे स्थानों के नाम बताए, जिनके आधार पर टीम ने बिहार और झारखंड के विभिन्न जनपदों में संपर्क साधना शुरू किया।