Sonbhadra News : संचारी माह में 5321 बुखार के रोगी किए गए चिन्हित
बरसात के मौसम में संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा संचारी रोग नियंत्रण अभियान जनपद में लगातार गति पकड़ रहा है। 1 जुलाई से 1 अगस्त तक.....

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5:48 PM, August 3, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• बुखार पीड़ितों की आरडीटी किट से जांच के दौरान पाए गए 12 मलेरिया संक्रमित मरीज
सोनभद्र । बरसात के मौसम में संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा संचारी रोग नियंत्रण अभियान जनपद में लगातार गति पकड़ रहा है। 1 जुलाई से 1 अगस्त तक चले अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर पहुंचकर 5,321 बुखार पीड़ितों की पहचान की है। वहीं 5,133 लोगों की आरडीटी किट से जांच की गई, जिसमें 12 मलेरिया संक्रमित मरीज पाए गए। इसके अलावा डायरिया, कुपोषण, क्षय रोग, कुष्ठ एवं अन्य संक्रामक रोगों के संभावित मरीजों का भी व्यापक सर्वे किया गया।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर उच्च जोखिम वाले गांवों में माइक्रोप्लान के अनुरूप विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सफाईकर्मी, पंचायत सहायक, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी से झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरजनित एवं जलजनित बीमारियों से बचाव, स्वच्छता बनाए रखने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
संचारी अभियान के दौरान 2,076 विद्यालयों में संचारी रोग जागरूकता रैलियां, 621 प्रभात फेरियां तथा 623 ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। इसके अलावा 3,067 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई, 2,944 हैंडपंपों की मरम्मत, 1,142 हैंडपंप चबूतरों का निर्माण एवं मरम्मत, 801 शौचालयों का निर्माण, 1,673 ग्रामीण और 1,648 शहरी नालियों की सफाई तथा 144 नगरीय वार्डों में फॉगिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं 259 सूकर पालकों को जागरूक किया गया तथा 629 कृतंक नियंत्रण गोष्ठियों का आयोजन भी किया गया।
वहीं दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर बुखार, मलेरिया, डेंगू, डायरिया, क्षय रोग, कुष्ठ, फाइलेरिया और कुपोषण सहित विभिन्न बीमारियों के संभावित मरीजों का सर्वे कर रही हैं। सोमवार को अभियान के दौरान 45 नए बुखार के मरीजों की पहचान की गई, जबकि 25 लोगों की आरडीटी किट से जांच की गई।
अभियान के दौरान 5,321 बुखार पीड़ितों का चिन्हीकरण, 5,133 आरडीटी जांच, 12 मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि, 699 आईएलआई (खांसी-जुकाम) के लक्षण वाले व्यक्तियों, 230 डायरिया संभावित मरीजों तथा 14 कुपोषित बच्चों की पहचान की जा चुकी है। वहीं उपचार एवं पोषण प्रबंधन के लिए 210 कुपोषित बच्चों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर संदर्भित किया गया है। इसके साथ ही क्षय, कुष्ठ एवं कालाजार के संदिग्ध मरीजों की भी नियमित निगरानी और सर्वेक्षण जारी है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि "सभी लोग अपने घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कहीं भी जलभराव न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं तथा बुखार या अन्य संक्रामक रोग के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें।"




