Sonbhadra News : ICDS बचाओ-आंगनबाड़ी बचाओ अभियान के रूप में मनाया ICDS योजना का 49वाँ स्थापना दिवस
आज आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह के नेतृत्व में आंगनबाड़ियों व सहायिकाओं ने कलेक्ट्रेट स्थित गाँधी प्रतिमा के नीचे ICDS योजना का 49वाँ स्थापना दिवस ICDS बचाओ-.....

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12:00 AM, October 3, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह के नेतृत्व में आंगनबाड़ियों व सहायिकाओं ने कलेक्ट्रेट स्थित गाँधी प्रतिमा के नीचे ICDS योजना का 49वाँ स्थापना दिवस ICDS बचाओ-आंगनबाड़ी बचाओ अभियान के रुप में मनाया। इस दौरान आँगनबाडियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि बहुत समय से आंगनबाड़ियों की लंबित मांगे पूरी करने की बजाय इस बार सरकार ने शिक्षा विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कराई है। अधिसूचना के अनुसार 10684 कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में ईसीसीई एजुकेटर रखे जाने के विरोध में प्रदेश भर में आँगनबाड़ी कार्यकर्ती धरना प्रदर्शन के माध्यम से सभी 75 जिलों के संविदा के आधार पर होने वाली भर्ती को तत्काल रोके जाने की मांग की थी लेकिन सरकार कोई भी सकारात्मक पहल नहीं कर रही है जिस पर प्रदेश भर की पौने चार लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं में काफी आक्रोश बढ़ गया है।
वहीं जिला महामंत्री ने कहा कि एजुकेटर भर्ती को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और आंगनबाड़ी कार्यकत्री को ही ईसीसीई एजुकेटर का कार्य सौंपा जाए व अतिरिक्त मानदेय दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए एवं जब तक संभव नहीं है, तब तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रु18000 और को ₹9000 मानदेय दिया जाय।
वहीं जिला सचिव विभा सिंह ने कहा कि 62 साल के रिटायर पर आंगनबाड़ियों को खाली हाथ घर बैठा दिया जाता है, इसलिए सरकार को रिटायरमेंट पर ग्रेजूटी तथा पेंशन की व्यवस्था करे, एक मुस्त 10 लख रुपए और पेंशन दी जाए। किसी भी विभाग में ऐसा नहीं किया जाता कि कर्मचारियों को काम कराने के बाद खाली हाथ घर बैठाया जाए।
वहीं जिला उपाध्यक्ष शुकुन्ला देवी ने कहा कि आंगनबाड़ियों की 6 सेवाएं हैं उनमें से एक सेवा है शालापूर्व शिक्षा जिसके लिए सरकार एजुकेटर को 10313 मानदेय देने की बात है कर रही है। इस हिसाब से तो आंगनबाड़ी को भी अब तक 61878 मिलना चाहिए था।
ये हैं प्रमुख मांगें -
अंगनाबाडियों ने मांग करते हुए कहा है कि सरकार एक महीने के अंदर अंदर एजुकेटर भर्ती को रद्द की जाए, आंगनबाड़ियों को राज्यकर्मचारी का दर्जा दिया जाए, मिनी आंगनवाड़ी को सामान्य आंगनवाडी का दर्जा दिया जाए, आंगनवाडी के लिए रिटायरमेंट पर ग्रेजुएटी तथा पेंशन की व्यवस्था की जाए, बीएलओ तथा अन्य विभाग विभाग के कार्य कराए जाते हैं जिससे की आंगनबाड़ियों का अपना कार्य "पढ़ाई भी पोषण भी सब बाधित हो रहा है।
आँगनबाडियों ने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि उनकी लंबित मांगे नहीं पूरी की गयी तो वह सड़क पर उतरने को बाध्य होंगी।
इस दौरान उर्मिला सिंह, साधना विश्वकर्मा, रेनू सिंह, सोनम, सविता, मीरा, सुनीता, रानी, रीना, कृष्णावती, सीमा, इंद्रावती, अनुराधा, लक्ष्मी, साधना श्रीवास्तव, आरती, सुशीला, मनोरमा, पुष्पावती व मंजूलता सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मौजूद रही।




