दुद्धी, सोनभद्र। दुद्धी नगर पंचायत के गठन के करीब 47 वर्षों बाद नगर पंचायत की सीमा विस्तार को लेकर पहल शुरू हो गई हैं। सीमा विस्तार होने से नगर का क्षेत्रफल बढ़ने के साथ -साथ बजट भी बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। शासन के निर्देश पर 1978 में अस्तित्व में आई नगर पंचायत दुद्धी का पहली बार सीमा विस्तार करने की कवायद तहसील प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है।मंगलवार को तहसीलदार अंजनी गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व कर्मियों की टीम सीमा विस्तार वाले गांव का स्थलीय निरीक्षण करते हुए पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान मैप के माध्यम से भौगोलिक स्थिति को समझते हुए सर्वे किया किया ।विस्तार में कितने कृषि और गैर कृषि गाटे गांव से नगर पंचायत में आ रहे है, इसका गहनता से विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि दुद्धी नगर पंचायत से सटे गाँव डुमरडीहा,धनौरा खजूरी, जाबर, मल्देवा तथा बीडर आदि गांव सीमा विस्तार में शामिल हो सकते हैं।सीमा विस्तार सर्वें के दौरान क्षेत्रीय लेखपाल अरुण कन्नौजिया,महेंद्र यादव, प्रवीण कुमार अनिल गुप्ता,रवि कुमार आदि उपस्थित रहे।
ये गाँव हो सकते हैं दुद्धी में शामिल-
नगर पंचायत के विस्तार को भेजे जा रहे प्रस्ताव में दुद्धी ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत खजूरी,जाबर,मलदेवा,बीड़र, डूमरडीहा और धनौरा गांव के आंशिक या पूर्ण भूभाग शामिल हो सकता है, जिसकी सीमा रेखा खजूरी स्थित ठेमा नदी से शुरू होगी जो जल संयंत्र जाबर पुराने बैरियर से मलदेवा प्राथमिक विद्यालय होते बीड़र गांव स्थित लौवा नदी के किनारे डूमरडीहा कनहर नहर से धनौरा रेलवे लाइन तक होने की संभावना है।
इनसेटनगर पंचायत बोर्ड की बैठक में हुआ था निर्णय
नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में निर्णय उपरांत राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड के माध्यम से 16 जुलाई को नगर पंचायत दुद्धी का सीमा विस्तार किये जाने का अनुरोध संबंधित मंत्रालय से करते हुए प्रेषित किया गया था। सीमा विस्तार से जारी पत्रक में जिलाप्रशासन को शासनादेश 31 जनवरी, 2015 एवं 23 नवम्बर, 2020 के आलोक में परीक्षण कराकर रिपोर्ट सुस्पष्ट सस्तुति सहित आख्या/प्रस्ताव शासन को अविलम्ब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था
बोले तहसीलदार-
तहसीलदार अंजनी गुप्ता ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नगर पंचायत के विस्तार को लेकर सर्वे किया किया जा रहा है, जल्द ही सीमा क्षेत्र में शामिल होने वाले गांव की जनसंख्या,क्षेत्रफल,कृषियुक्त भूमि,गैर कृषि भूमि आदि की रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।उन्होंने बताया कि जो गांव नगर पंचायत में पूर्वरूप से शामिल होंगे वहां पंचायत चुनाव 2026 के नहीं होंगे।