Sonbhadra News :धूमधाम से मनाई गई 32वीं संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ जयंती, हलवाई समाज ने आयोजित किया कार्यक्रम
धूमधाम से मनाई गई 32वीं संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ जयंती

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9:21 AM, September 27, 2026
धूमधाम से मनाई गई 32वीं संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ जयंती
रमेश यादव (संवाददाता )
दुद्धी,सोनभद्र। दुद्धी नगर स्थित बाबा गणिनाथ मंदिर एवं धर्मशाला परिसर में शनिवार को 32वीं संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ जी जयंती एवं वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन हलवाई समाज दुद्धी की ओर से किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के चलते भक्तिमय माहौल बना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से बाबा गणिनाथ जी के पूजन-अर्चन से हुई। इसके बाद हवन एवं ध्वजारोहण किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का आयोजकों की ओर से माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत-सम्मान किया गया। साथ ही बाबा गणिनाथ जयंती के अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में सह मुख्य अतिथि नगर पंचायत दुद्धी के अध्यक्ष कमलेश मोहन, मुख्य अतिथि डॉ. अनिल साहू, विशिष्ट अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष दुद्धी दीपक शाह, विजय गुप्ता (अलबेला स्वीट्स दुद्धी), डॉ. मुस्कान गुप्ता (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी) तथा विशिष्ट वक्ता अनिल कुमार गुप्ता एवं कमल कानू मौजूद रहे।समारोह की अध्यक्षता हलवाई समाज दुद्धी के अध्यक्ष दीपक कुमार गुप्ता ने की। कार्यक्रम में महामंत्री संतोष गुप्ता (जयश्री गुप्ता), कोषाध्यक्ष जगत नारायण, उपाध्यक्ष विशुनचंद हलवाई, उपाध्यक्ष शंभुनाथ गुप्ता सहित समाज के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान समाज के विकास और एकजुटता को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।इस अवसर पर हलवाई समाज से आए वक्ताओं ने अपने विचारों और अनुभवों के माध्यम से समाज के उत्थान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक प्रगति की आधारशिला बताते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने, युवाओं को उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने तथा बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि बेटियां समाज की शक्ति हैं और उन्हें शिक्षा, सम्मान तथा समान अवसर देकर ही समाज का वास्तविक विकास संभव है।वक्ताओं ने सामाजिक एकजुटता, आपसी सहयोग और संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाने और सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इसके साथ ही समाज में व्याप्त अन्य कुरीतियों को दूर करने, नई पीढ़ी को संस्कारों एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़ने तथा समाजहित में रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने की अपील की गई।समारोह में बच्चों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का खूब मनोरंजन किया। बच्चों ने अपनी प्रतिभा और शानदार प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुतियों पर कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था और उपस्थित लोगों ने उनकी प्रतिभा की सराहना की। संचालन अविनाश कुमार वाह -वाह ने किया।




