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न्यायिक एसडीएम न्यायालय में पारित किए जा रहे कुछ आदेशों को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है।

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5:25 PM, August 31, 2026
रमेश/राजा (संवाददाता)
दुद्धी (सोनभद्र) । न्यायिक एसडीएम न्यायालय में पारित किए जा रहे कुछ आदेशों को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। अधिवक्ताओं ने न्यायिक एसडीएम न्यायालय का बहिष्कार करते हुए न्यायालयीन कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम न्यायिक द्वारा मुकदमों में ऐसे आदेश पारित किए जा रहे हैं, जिससे वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फाइलों को खारिज किए जाने की प्रक्रिया को लेकर भी अधिवक्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई।
मामले को लेकर दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पाण्डेय एवं सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव की अगुवाई में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम न्यायिक मोहम्मद जफर से मुलाकात की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय में चल रही कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए वादकारियों के हित में न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई किए जाने की मांग रखी।
अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय में आने वाले अधिकांश वादकारी ग्रामीण और आम लोग होते हैं, जो न्याय की उम्मीद लेकर राजस्व न्यायालय पहुंचते हैं। ऐसे में मुकदमों के निस्तारण में प्रक्रिया का पूरी तरह पालन होना जरूरी है। अधिवक्ताओं का कहना था कि किसी तकनीकी अथवा प्रक्रियात्मक कारण से यदि वाद में कमी रह जाती है तो नियमानुसार उसका समाधान कराया जाना चाहिए, ताकि वादकारी न्याय से वंचित न हों।
दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण पाण्डेय ने कहा कि वादकारी हित सर्वोपरि है। अधिवक्ता किसी भी न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं चाहते, लेकिन यदि किसी कार्यवाही से वादकारियों के हित प्रभावित होते हैं तो उस पर आवाज उठाना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि वादकारियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, अधिवक्ताओं की आपत्तियों को सुनने के बाद एसडीएम न्यायिक मोहम्मद जफर ने न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए हर संभव समाधान किए जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और वादकारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर विजय, जितेंद्र श्रीवास्तव, रमेश चंद कुशवाहा, मनोज मिश्रा, आनंद कुमार, उमेश सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद रहे।




