Sonbhadra News : रेशम की डोर से आज सजेगी भाई की कलाई, खिलेगा बहन का प्यार
बचपन की नोकझोंक, छोटी-छोटी शरारतें और एक-दूसरे के लिए ढेर सारा प्यार…। भाई-बहन के रिश्ते की यही खूबसूरत यादें रक्षाबंधन के साथ फिर ताजा हो उठेंगी। बहन के हाथों से भाई की कलाई तक पहुंचने वाली राखी.....

sonbhadra
10:59 PM, August 27, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बचपन की नोकझोंक, छोटी-छोटी शरारतें और एक-दूसरे के लिए ढेर सारा प्यार…। भाई-बहन के रिश्ते की यही खूबसूरत यादें रक्षाबंधन के साथ फिर ताजा हो उठेंगी। बहन के हाथों से भाई की कलाई तक पहुंचने वाली राखी महज एक धागा नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का भाव है। शुक्रवार को रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधेंगी, वहीं भाई भी बहनों की खुशियों और सम्मान की रक्षा का संकल्प लेंगे। घर-आंगन में मिठास घुलेगी और वर्षों पुराना यह रिश्ता एक बार फिर प्रेम व स्नेह की डोर से और मजबूत होगा।
इस वर्ष नहीं है भद्रा का साया -
इस बार बहनों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा, जिससे पूरा दिन मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। रक्षा बंधन पर्व को लेकर बहनों ने तैयारियों को पूरा कर लिया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार राखी बांधने का सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से शुरू होकर सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। ऐसे में बहनों ने पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। बहनें शुभ मुहूर्त में पूरी विधि-विधान से भाइयों के माथे पर कुमकुम और रोली का तिलक लगाकर आरती उतार कर उनकी कलाई पर रक्षा का सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करेंगी। वहीं, भाई भी अपनी बहनों को जीवनभर सुरक्षा का वचन देते हुए मनपसंद उपहार भेंट करेंगे। नगर से लेकर देहात क्षेत्र तक पूरा जिला रक्षाबंधन के उत्सव के रंग में डूबा नजर आएगा। घरों में पर्व को लेकर सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है।
बाजारों में देर रात तक उमड़ी भीड़ -
पर्व को लेकर बाजारों में रौनक कई दिनों पहले से ही दिखने लगी थी, लेकिन पर्व की पूर्व संध्या पर खरीदारी का चरम माहौल रहा। नगर के स्वर्ण जयंती चौक, धर्मशाला चौक, रेलवे फाटक, शीतला मंदिर चौक सहित सभी प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। देर रात तक बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं रही और सड़कों पर चहल-पहल बनी रही। बहनों ने अपने भाइयों के लिए तरह-तरह की राखियां और पूजा की सामग्री खरीदी वहीं भाइयों ने उपहारों की दुकानों पर बहनों के लिए सरप्राइज गिफ्ट्स चुने।
रेशमी राखियों का बढ़ा क्रेज, चांदी की मांग पड़ी सुस्त -
इस बार सर्राफा बाजार में चांदी की आसमान छूती कीमतों का सीधा असर राखियों की बिक्री पर देखने को मिला। चांदी महंगी होने के कारण इस बार चांदी की राखियों का क्रेज थोड़ा कम रहा और ग्राहकों ने हल्की चांदी की जगह रेशमी राखियों को प्राथमिकता दी। हालांकि काफी बहनों ने चांदी की राखी भाईयों के लिए खरीदी हैं। बाजार में रेशम के धागों से तैयार की गई आकर्षक और पारंपरिक राखियों की सबसे ज्यादा बिक्री हुई। इसके साथ ही नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए बाजारों में विशेष रूप से स्पाइडरमैन, डोरेमोन, छोटा भीम और एवेंजर्स जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां उपलब्ध रहीं, जिन्हें बच्चों ने खूब पसंद किया।
मिठाई की दुकानों पर लगी खरीदारों की लंबी कतारें -
चीनी मंहगी होने के बावजूद मिठाई की दुकानों पर भी पर्व की मिठास साफ तौर पर देखने को मिली। शहर की छोटी-बड़ी सभी मिठाई की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों का तांता लगा रहा। हालांकि सभी मिठाईयां 30-40 रुपए प्रति किग्रा मंहगी हुई है बावजूद इसके खोवा बर्फी, गुझिया, काजू कतली, रसगुल्ले और अन्य पारंपरिक मिठाइयों की बिक्री के लिए दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं। हलवाइयों ने भी पर्व के मद्देनजर मिठाइयों का विशेष स्टॉक तैयार किया था, जहां देर शाम तक बिक्री का सिलसिला जारी रहा। आज रक्षाबंधन रहेगा तो बाजारों में और अधिक भीड़ देखने को मिलेगी। चुर्क, रामगढ़, चतरा, ओबरा, चोपन, डाला, समेत जिले के सभी देहात इलाकों के बाजारों में भी रक्षाबंधन धूम देखने को मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने स्थानीय बाजारों में जमकर खरीदारी की।




