Sonbhadra News : तहसील में वार्ता बेनतीजा, विंध्य एक्सप्रेस-वे पर किसानों का बगावत का बिगुल, आंदोलन की दी चेतावनी
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे को लेकर मंगलवार को तहसील सभागार में किसानों और तहसील प्रशासन के बीच हुई वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही। वार्ता विफल होते ही किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। किसानों ने सरकार....

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1:32 PM, August 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे को लेकर मंगलवार को तहसील सभागार में किसानों और तहसील प्रशासन के बीच हुई वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही। वार्ता विफल होते ही किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। किसानों ने सरकार पर उनकी पुश्तैनी जमीन छीनकर उन्हें भूमिहीन बनाने का आरोप लगाया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना सहमति भूमि अधिग्रहण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जबरन अधिग्रहण की कोशिश की तो जनआंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
पसहीं निवासी किसान कौशलेश पाठक ने कहा कि "सरकार विकास के नाम पर किसानों के अस्तित्व पर प्रहार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीढ़ियों से जिस जमीन पर परिवार का पालन-पोषण हुआ, आज उसी जमीन को छीनने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन बचाने के लिए हर लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेंगे।"
पिपरा निवासी मुकेश पटेल ने कहा कि "किसान अपनी खेती और भविष्य किसी भी कीमत पर दांव पर नहीं लगाएंगे। उनका कहना था कि यदि सरकार ने किसानों की आवाज नहीं सुनी तो गांव-गांव आंदोलन की मशाल जलेगी और इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव में भी दिखाई देगा।"
बभनौली कला निवासी फिरोज खान ने आरोप लगाया कि "भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया किसानों की इच्छा के विरुद्ध चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करेंगे।"
गौरही निवासी मनोज कुशवाहा ने कहा कि "सरकार को यह समझना होगा कि खेती ही किसानों के जीवन का आधार है। यदि यही छिन गई तो हजारों परिवार सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान अब पीछे हटने वाले नहीं हैं।"
पसहीं निवासी सत्येंद्र पाठक ने कहा कि "यदि सरकार को वास्तव में विकास करना है तो पहले किसानों का विश्वास जीतना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जबरन भूमि अधिग्रहण का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।"
जमगांव निवासी श्याम बिहारी देव पाण्डेय ने कहा कि "किसानों की उपजाऊ जमीन छीनकर विकास का सपना अधूरा ही रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की भावनाओं और आजीविका का सम्मान करना चाहिए, अन्यथा इसका व्यापक विरोध होगा।"
भारतीय किसान संघ के प्रांत मंत्री सदानंद ने कहा कि "किसान अपनी भूमि और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह संगठित हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई तो भारतीय किसान संघ गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाकर बड़े स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन करेगा। उन्होंने सरकार से किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की मांग की।"




