Sonbhadra News : भ्रष्टाचार का अड्डा बना बेसिक शिक्षा विभाग का वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय, इंक्रिमेंट के लिए चार माह से चक्कर काट रहे आधा दर्जन से अधिक दिव्यांग शिक्षक
सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टालरेंस' नीति को लागू करने में अधिकारी-कर्मचारी रोड़ा बने हुए हैं। इसी का नतीजा है कि जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग का लेखाधिकारी कार्यालय पुरी तरह से.....

sonbhadra
7:09 PM, December 31, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टालरेंस' नीति को लागू करने में अधिकारी-कर्मचारी रोड़ा बने हुए हैं। इसी का नतीजा है कि जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग का लेखाधिकारी कार्यालय पुरी तरह से भ्रष्टाचारियों के चंगुल में जकड़ा हुआ है। ताज़ा मामला जनपद के दिव्यांग शिक्षकों से जुड़ा हुआ है, जहाँ इंक्रिमेंट को लेकर आधा दर्जन से अधिक दिव्यांग शिक्षक पिछले चार माह से वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में अब प्राथमिक शिक्षक संघ ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीधे तौर पर लेखाधिकारी से तीन कार्य दिवस के अंदर सातों दिव्यांग शिक्षकों का इंक्रिमेंट लगाने की मांग की है अन्यथा तीन का र्यदिवस के बाद लेखाधिकारी कार्यालय घेराव की चेतावनी भी दी है।
वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय ने 4 अगस्त 2025 को लेखाधिकारी को पत्र भेजकर सातों दिव्यांग शिक्षकों के वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने सम्बंधी आदेश जारी कर दिया था लेकिन चार माह बीतने के बाद भी बीएसए के आदेश पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।
वहीं उत्तर प्रादेशिय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार पाण्डेय ने लेखाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश को न मानते हुए पिछले चार माह से शिक्षकों का इंक्रिमेंट न लगाना कहीं न कहीं भ्रष्टाचार को उजागर करता है। उन्होंने शिक्षक हितों को ध्यान में रखते हुए लेखाधिकारी को तीन कार्य दिवस में शिक्षकों का इंक्रिमेंट लगाने की मांग किया है साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि तीन कार्य दिवस में शिक्षकों का इंक्रिमेंट नहीं लगाता है तो उत्तर प्रादेशिय प्राथमिक शिक्षक संघ लेखाधिकारी का घेराव करने को बाध्य होगा।"
बताते चलें कि शासनादेश संख्या-1205 (2)/68-1-18-10(67)/2018 बेसिक शिक्षा अनुभाग-1 लखनऊ दिनांक 20 जुलाई 2018 के क्रम में इस कार्यालय के पत्रांक 4901-4906/2020-20 दिनांक 22-10-2020 द्वारा निम्न विवरण के अनुसार दिव्यांग कोटे के अन्तर्गत नियुक्त शिक्षकों को दिनांक 29-10-2020 को पूर्वान्ह 10 बजे बी0एच0यू0 वाराणसी मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित हो कर दिव्यांगता के भौतिक सत्यापन कराने हेतु निर्देशित किया गया था लेकिन सहायक अध्यापक आदर्श कुमार दीक्षित उ0प्रा0वि0 झीलो-म्योरपुर, हरपाल सिंह प्रा0वि0 बेलाही-रावर्ट्सगंज, मनीष कुमार प्रा0वि0 पथरहवा-राबर्ट्सगंज, वैशाली श्रीवास्तव प्रा0वि0 सिल्थरी-रावर्टसगंज, भरत सिंह उ0प्रा0वि0 लसडा-रावर्टसगंज, दिनेश सिह उ0प्रा0वि0 बहेरा-नगवां तथा जय प्रकाश यादव उ0प्रा0वि0 बहेराड़ोल-दुद्धी निर्धारित तिथि को बी0एच0यू0 मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित न होने के कारण इस कार्यालय के विभिन्न पत्रांक दिनांक 19-11-2020 द्वारा वेतन तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक अवरूद्ध करते हुए कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया था तथा कार्यालय के पत्रांक 12842-48/2020-21 दिनांक 21-01-2021 द्वारा पुनः दिनांक 28-01-2021 को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित हो कर दिव्यांगता के भौतिक सत्यापन हेतु निर्देशित किया गया था लेकिन उक्त तिथि को भी सम्बन्धित शिक्षकों के अनुपस्थित रहने के कारण पुनः इस कार्यालय के विभिन्न पत्रांक दिनांक 10-03-2021 द्वारा दिनांक 31-03-2021 को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित हो कर दिव्यांगता के भौतिक सत्यापन हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके विरूद्ध इन सातों शिक्षकों ने संयुक्त रूप से उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका संख्या 4980/2021 (हरपाल सिंह व 6 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) व अन्य योजित किया गया। इसी मध्य इस कार्यालय के पत्रांक बे0शि0/दि0 जॉच/2149-2154/2021-22 दिनांक 28-7-2021 द्वारा उक्त सम्बन्धित शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि अवरूद्ध करते हुए वेतन तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक बहाल किया गया। रिट याचिका संख्या 4980/2021 में सुनवाई के उपरान्त माननीय उच्च न्यायालय के पारित आदेश दिनांक 11-8-2021 द्वारा दिव्यांग शिक्षकों के भौतिक सत्यापन को तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक अवरूद्ध कर दिया है। वहीं इन शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दिनांक 25-07-2025 को प्रार्थना पत्र के साथ रिट याचिका संख्या 4980/2021 में माननीय उच्च न्यायालय के पारित उपरोक्त आदेश दिनांक 11-08-2021 की छायाप्रति संलग्न करते हुए बताया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिव्यांगता के भौतिक सत्यापन को अग्रिम आदेश तक स्थगित किया गया है तथा शासनादेश दिनांक 20 जुलाई 2018 में भी प्रमाण पत्रों के सत्यापन हेतु निर्देशित किया है साथ ही यह भी अवगत कराया कि याचिका अद्यतन विधारण हेतु माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष लम्बित है। उक्त के आधार पर शिक्षकों ने अवरूद्ध वार्षिक वेतन वृद्धि बहाल करने का अनुरोध किया गया था। जिसके क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने लेखाधिकारी को तत्काल सातों दिव्यांग शिक्षकों का वार्षिक वेतन वृद्धि जारी करने का निर्देश दिया था लेकिन चार माह बाद भी शिक्षकों का इंक्रिमेंट नहीं लगाया गया।




