Sonbhadra News : ICMR गोरखपुर के वैज्ञानिकों की टीम ने लार्वा व व्यस्क मच्छरों का सैम्पल किया इकट्ठा
मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण के उद्देश्य से ही आईसीएमआर गोरखपुर की चार सदस्यी टीम पिछले तीन दिनों से जिले की खाक छान रही है और शोध के लिए मच्छरों का लार्वा इकठ्ठा कर रही है।

sonbhadra
7:02 PM, December 7, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• लैब में लार्वा व मच्छरों पर शोध करेगी ICMR की टीम
• मच्छरों पर रोकथाम के लिए अल्फासाइपर मेथ्रीन रसायन का छिड़काव साबित हो रही कारगार - सीएमओ
सोनभद्र । चार राज्यों की सीमाओं से लगा सोनभद्र मलेरिया के प्रति एक संवेदनशील क्षेत्र है। यह एक वन्य क्षेत्र है और दुर्गम बस्तियों में आदिवासी आबादी रहती है। जहाँ मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण है। मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण के उद्देश्य से ही आईसीएमआर गोरखपुर की चार सदस्यी टीम पिछले तीन दिनों से जिले की खाक छान रही है और शोध के लिए मच्छरों का लार्वा इकठ्ठा कर रही है।
ये मच्छर भी कम जिद्दी नहीं है। वैज्ञानिकों ने इनको मारने के लिए कई तरह के रसायन तैयार किए लेकिन यह धीरे-धीरे इन रसायनों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर अपना बचाव कर लेते हैं। जलभराव एवं गंदगी की वजह से इनकी तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। हर साल बड़ी संख्या में लोग मलेरिया सहित मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आकर जान गंवाते हैं। मलेरिया बुखार संक्रामक होता है, जो मादा मच्छर एनाफिलीज के काटने से होता है। जनपद सोनभद्र की बात करें तो जनवरी 2024 से अब तक मलेरिया के कुल 255 मरीज सामने आ चुके हैं। जिसमें 91 PS और 163 PV के केस हैं। यह आंकड़ा सरकारी है, यदि इसमें निजी अस्पतालों एवं लैब में पहुंचे मरीजों की संख्या क़ो शामिल करेंगे तो यह आंकड़ा कहीं ज्यादा होगा।
मच्छरों पर रोकथाम के उद्देश्य से जिले में शोध कर रही आईसीएमआर गोरखपुर के वैज्ञानिकों की चार सदस्यी टीम वैज्ञानिक डॉ0 बृजरंजन सी0, टेक्निशयन शशिकान्त तिवारी, इनसेक्ट कलेक्टर एस0पी0सिंह और टेक्निकल सपोर्ट सूरज मौर्या ने चोपन ब्लॉक के भीतरी, कटरिया, चतरवार, पौशिला तथा नगवाँ ब्लॉक के चिचलिक, पनौरा, बसुहारी पोखरियाँ, अडगुड, चननी, मकरीबारी व चेरूई इत्यादि गाँव का भ्रमण किया गया भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों की टीम द्वारा मच्छरों की प्रजाति का पता लगाने के लिये विभिन्न जगहों से मच्छरों के लार्वा व व्यस्क मच्छरों का सैम्पल इकट्ठा किया।




