Sonbhadra News : 12 साल के विकास दावों की खुली पोल, गड्ढों में तब्दील हुई पेटराही संपर्क मार्ग
एक ओर केंद्र और प्रदेश सरकार विकास, सड़क और बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सोनभद्र के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। घोरावल विधानसभा क्षेत्...

जर्जर हालत में पेटराही संपर्क मार्ग....
sonbhadra
3:37 PM, June 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री से लगाई गुहार
सोनभद्र । एक ओर केंद्र और प्रदेश सरकार विकास, सड़क और बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सोनभद्र के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। घोरावल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पेटराही का प्रमुख संपर्क मार्ग आज भी बदहाली और उपेक्षा का शिकार है। हालत यह है कि करीब 15 वर्ष पहले बनी सड़क अब गड्ढों में तब्दील हो चुकी है और ग्रामीणों का आवागमन किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं रह गया है।
विकास खंड रॉबर्ट्सगंज की ग्राम पंचायत पेटराही पाण्डेय में भड़रा खुर्द मोड़ से रामलाल पाण्डेय के घर होते हुए पेटराही गांव स्थित कोटेदार शोभनाथ के घर तक जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क कई जगहों पर टूटकर खत्म हो गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री को पत्र सौंपकर सड़क के तत्काल पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण की मांग की है।
शोभनाथ, छोटक, राधे, बबलू, मंगल, अमित, नरेश, मुन्नर, विनोद, सनोज, छोटू, तेजबली आदि ग्रामीणों का कहना है कि "यह मार्ग क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के लिए जीवनरेखा के समान है। किसान अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, छात्र-छात्राएं स्कूल-कॉलेज जाने, मरीज अस्पताल पहुंचने और आम नागरिक दैनिक आवागमन के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।"
बरसात में बन जाती है दलदल, एम्बुलेंस तक पहुंचने में होती है परेशानी -
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश शुरू होते ही सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या विकराल रूप ले लेती है। कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे तालाब का रूप धारण कर लेते हैं, जिससे बाइक और साइकिल सवारों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार मरीजों को अस्पताल ले जाने में एम्बुलेंस तक फंस जाती है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में जान का खतरा पैदा हो जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से बचते रहे हैं। नतीजा यह है कि आज भी क्षेत्र की जनता मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
विकास के दावों पर उठे सवाल -
ग्रामीणों का कहना है कि 21वीं सदी में जब देश और प्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ने की बात कर रहे हैं, तब भी सोनभद्र के कई गांव अच्छी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के दावों के बीच पेटराही संपर्क मार्ग की बदहाली सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले बरसात के मौसम में हालात और भयावह हो जाएंगे तथा कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है।
प्रभारी मंत्री से की हस्तक्षेप की मांग -
ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री से मांग किया है कि सड़क का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराकर पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत कराई जाए और निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामवासियों को राहत मिल सके।




