Sonbhadra News : नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से 11 लाख की ठगी, मेडिकल कॉलेज का फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाकर रचा गया बड़ा खेल
बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं के सपनों को भुनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेडिकल कॉलेज समेत विभिन्न संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच युवकों....

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sonbhadra
12:10 PM, June 8, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर युवकों को बनाया शिकार, मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही खुली जालसाजों की पोल
सोनभद्र । बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं के सपनों को भुनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेडिकल कॉलेज समेत विभिन्न संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच युवकों से करीब 11.20 लाख रुपये वसूल लिए गए। हैरानी की बात यह है कि ठगों ने अपने झांसे को असली साबित करने के लिए एक युवक को मेडिकल कॉलेज का फर्जी जॉइनिंग लेटर तक थमा दिया। लेकिन जब युवक नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो उसके हाथों में पकड़ा नियुक्ति पत्र कागज का एक बेकार टुकड़ा साबित हुआ और उसी के साथ करोड़ों उम्मीदों का महल भी ढह गया। मामला सामने आने के बाद पीड़ित युवकों ने पुलिस की शरण ली, जिस पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ितों के मुताबिक, पन्नूगंज थाना क्षेत्र के परसौटी गांव निवासीसुनील कुमार मौर्या ने खुद को एक प्रभावशाली निजी कंपनी का कर्मचारी बताते हुए दावा किया कि उसकी पहुंच बड़े अधिकारियों तक है और वह सभी को अच्छी नौकरी दिला सकता है। नौकरी की लालच में आए युवकों से उसने डिमांड ड्राफ्ट और अन्य मदों के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए। राहुल कुमार से 1.70 लाख, सुनील कुमार से 1.80 लाख, मनोज कुमार से 1.70 लाख, एक अन्य युवक से 1.90 लाख तथा कृष्णकांत पटेल से करीब दो लाख रुपये ऑनलाइन और नकद माध्यम से ऐंठ लिए गए। जब महीनों तक नौकरी नहीं मिली और युवकों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो कथित जालसाज ने उन्हें पन्नूगंज क्षेत्र के ऊंची निवासी मिंटू पटेल उर्फ अभिषेक से मिलवाया। यहां से ठगी का दूसरा अध्याय शुरू हुआ। मिंटू ने मेडिकल कॉलेज में इलेक्ट्रीशियन, ओटी टेक्निशियन और एक्स-रे टेक्निशियन जैसे पदों पर भर्ती कराने का भरोसा दिलाया। बेरोजगार युवकों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसने एक अन्य युवक से भी नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये ऑनलाइन और 1.20 लाख रुपये नकद वसूल लिए।
ठगों का आत्मविश्वास इतना बढ़ चुका था कि उन्होंने पूरी तैयारी के साथ फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार कर लिया। छह मार्च को एक युवक को मेडिकल कॉलेज का कथित जॉइनिंग लेटर सौंपते हुए 16 मार्च को ड्यूटी ज्वाइन करने का निर्देश दिया गया। नौकरी मिलने की खुशी में युवक निर्धारित तिथि पर मेडिकल कॉलेज पहुंचा, लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों ने जैसे ही पत्र देखा, पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कोई नियुक्ति पत्र कॉलेज की ओर से जारी नहीं किया गया है और दस्तावेज पूरी तरह फर्जी है। इस खुलासे के बाद पीड़ित युवकों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें एहसास हुआ कि नौकरी के नाम पर उनके साथ सुनियोजित धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद सभी पीड़ित सीधे रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि "पीड़ितों की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है तथा पूरे नेटवर्क और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।"




