Sonbhadra News : 1000 हेक्टेयर बंजर भूमि होगी उपजाऊ, 50 खेत तालाबों से मजबूत होगी किसानों की सिंचाई व्यवस्था
जनपद में भूमि एवं जल संरक्षण को नई गति देने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति....

कलेक्ट्रेट सभागार में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति एवं डब्ल्यूसीडीसी समिति की बैठक करते डीएम चर्चित गोंड......
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5:39 PM, July 20, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद में भूमि एवं जल संरक्षण को नई गति देने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति एवं डब्ल्यूसीडीसी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों के हित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं के माध्यम से बंजर एवं जलभराव प्रभावित भूमि को कृषि योग्य बनाया जाएगा, जिससे किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
बैठक में भूमि संरक्षण अधिकारी रॉबर्ट्सगंज ने बताया कि "पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत जनपद में 1000 हेक्टेयर बीहड़, बंजर एवं जलभराव प्रभावित भूमि का उपचार कराया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (खेत तालाब योजना) के अंतर्गत 50 लघु खेत तालाबों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे वर्षा जल का संरक्षण होने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि खेत तालाब योजना के लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण एवं ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, ताकि पात्र किसानों को निष्पक्ष रूप से योजना का लाभ मिल सके।"
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि "सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है। भूमि एवं जल संरक्षण योजनाएं खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराए जाएं तथा योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि खेत तालाबों के निर्माण से वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा और सिंचाई की उपलब्धता बढ़ने से किसानों की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी। उन्होंने संबंधित विभागों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।"
बैठक में प्रस्तुत सभी प्रस्तावों को जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति द्वारा अनुमोदित किया गया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, उप कृषि निदेशक राजकुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला कृषि अधिकारी वीरेन्द्र कुमार, सहायक अभियंता (लघु सिंचाई), भूमि संरक्षण अधिकारी रॉबर्ट्सगंज एवं चोपन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




