Sonbhadra News : फेसबुक के फर्जी बैंक लिंक से युवक के खाते से उड़ाए 1.70 लाख रुपये, पुलिस ने 1.69 लाख रुपये कराए वापस
सोशल मीडिया पर बैंक के नाम से प्रसारित फर्जी लिंक पर क्लिक करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक के नाम से चल रहे फर्जी विज्ञापन के झांसे में आकर ओबरा निवासी एक व्यक्ति के......

sonbhadra
8:39 AM, July 5, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• साइबर टीम की तत्परता से बची पीड़ित की मेहनत की कमाई
• पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
सोनभद्र । सोशल मीडिया पर बैंक के नाम से प्रसारित फर्जी लिंक पर क्लिक करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक के नाम से चल रहे फर्जी विज्ञापन के झांसे में आकर ओबरा निवासी एक व्यक्ति के खाते से साइबर ठगों ने 1.70 लाख रुपये उड़ा दिए। हालांकि सोनभद्र पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित की 1,69,482.48 रुपये की धनराशि सुरक्षित फ्रीज कराकर उसके बैंक खाते में वापस करा दी गई।
ये था प्रकरण -
पुलिस के अनुसार, ओबरा मार्केट निवासी दिलीप कुमार जायसवाल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके फेसबुक अकाउंट पर पंजाब नेशनल बैंक के नाम से बैलेंस चेक करने संबंधी एक लिंक दिखाई दिया। बैंक का ग्राहक होने के कारण उन्होंने उसे वास्तविक समझकर खोल लिया और मांगी गई बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी भर दी। इसके बाद साइबर अपराधियों ने इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से उनके खाते से 1.70 लाख रुपये निकाल लिए।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई शुरू की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) एवं नोडल साइबर क्राइम ऋषभ रुणवाल तथा क्षेत्राधिकारी पिपरी एवं सहायक नोडल साइबर क्राइम हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक ओबरा सदानन्द राय और साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण करते हुए संबंधित बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं से तत्काल समन्वय स्थापित किया।
समयबद्ध कार्यवाही के चलते ठगी की गई 1.70 लाख रुपये की राशि में से 1,69,482.48 रुपये को फ्रीज कर नियमानुसार पीड़ित के खाते में वापस करा दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित द्वारा समय रहते 1930 साइबर हेल्पलाइन और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराने के कारण अधिकांश धनराशि वापस कराई जा सकी।
साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियाँ -
सोनभद्र पुलिस ने आमजन से अपील किया कि "सोशल मीडिया पर बैंक, केवाईसी अपडेट, बैलेंस चेक, रिवॉर्ड पॉइंट, लोन या निवेश के नाम पर आने वाले किसी भी लिंक पर बिना सत्यापन के क्लिक न करें। बैंक कभी भी फोन, एसएमएस, ई-मेल या सोशल मीडिया के माध्यम से ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी नहीं मांगते।"
यदि साइबर ठगी के हो जाएँ शिकार तो करें 1930 पर कॉल -
यदि गलती से किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाएं, तो बिना समय गंवाए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतनी ही अधिक संभावना रहती है कि ठगी गई रकम को फ्रीज कर वापस कराया जा सके।




