Sonbhadra court news : कविता हत्याकांड: दोषी सगे भाइयों को 8-8 वर्ष की कैद
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू , सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी सगे भाइयों को 8-8 वर्ष के कैद की सजा सुनाई।

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6:14 PM, October 17, 2026
राजेश पाठक (संवाददाता)
- प्रत्येक पर 10-10 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
- जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी
- करीब 4 वर्ष पूर्व प्रताड़ना से तंग आकर कविता ने फांसी लगाकर की थी खुदकुशी
सोनभद्र। करीब 4 वर्ष पूर्व प्रताड़ना से तंग आकर कविता द्वारा फांसी लगाकर की गई खुदकुशी के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू , सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी सगे भाइयों को 8-8 वर्ष के कैद की सजा सुनाई। इनके ऊपर 10-10 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक ओबरा थाना क्षेत्र के अरंगी गांव निवासी लीलावती पत्नी राम सनिही ने 12 सितंबर 2022 को ओबरा थानाध्यक्ष को दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसने करीब दो वर्ष पूर्व बेटी कविता 21 वर्ष की शादी बसंत गोड़ पुत्र भगवान दास निवासी खैरटिया, थाना ओबरा, जिला सोनभद्र के साथ हुई थी। बेटी के ससुराल जाते ही उसका पति बसंत गोड़ व उसके देवर अमित गोड़ प्रताड़ित करने लगे।मायके वालों की इज्जत भी नहीं करते थे। जिससे तंग आकर बेटी कविता ने बीती रात में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना मिलने पर पहुंची तो शव सड़क पर रखा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि दामाद बसंत गोड़ व उसका भाई अमित गोड़ से परेशान होकर बेटी ने यह कदम उठाया है। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर ओबरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति बसंत गोड़ व देवर अमित गोड़ को 8-8 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इनके ऊपर 10-10 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।




