Sonbhadra court news : दहेज हत्या मामले में पति और सास को 10-10 वर्ष की सजा
विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, सोनभद्र गोविन्द मोहन (एचजेएस) की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में पति और सास को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।


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Janpad Mirror
राजेश पाठक (संवाददाता)
सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, सोनभद्र गोविन्द मोहन (एचजेएस) की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में पति और सास को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला सत्र परीक्षण संख्या-538/2024, मुकदमा अपराध संख्या-61/2024, थाना रायपुर से संबंधित है।
अभियोजन के अनुसार वादिनी ललिता देवी निवासी बिडर, थाना दुद्धी ने 27 मई 2024 को रायपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री रागिनी की शादी 28 फरवरी 2024 को तपेश्वर निवासी रायपुर के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा अपाची मोटरसाइकिल, सोने की चेन और एक लाख रुपये नकद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था।
तहरीर में कहा गया कि 21 मई 2024 को समझौते के बाद रागिनी को ससुराल भेजा गया था, लेकिन 27 मई को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका दो माह की गर्भवती बताई गई थी।
मामले में थाना रायपुर पुलिस ने धारा 498ए, 304बी आईपीसी तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर फंदे का निशान और ठुड्डी पर चोट के निशान पाए गए।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर पति तपेश्वर और सास उर्मिला के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया।
अदालत ने दोनों अभियुक्तों को धारा 304बी आईपीसी में 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 20-20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 498ए आईपीसी में 3-3 वर्ष कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में 2-2 वर्ष कारावास एवं 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
न्यायालय ने आदेश दिया कि अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी तथा उन्हें जिला कारागार सोनभद्र भेजा जाए।
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