इन मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
सोनम वांगचुक ने 27 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत तथा सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने यह निर्णय लिया

delhi
10:52 AM, July 24, 2026
NEET पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब देश के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। लेकिन सरकार के लिए बीती रात राहत भरा रहा।सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 27 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत तथा सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने यह निर्णय लिया।
अनशन खत्म करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि सरकार ने लिखित रूप से आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं तथा 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई एफआईआर, कानूनी कार्रवाई या अन्य दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कथित पेपर लीक प्रकरण से जुड़े जिन छात्रों की मौत हुई है, उनके परिजनों को उचित मुआवजा देने पर भी सरकार ने सहमति जताई है।
वांगचुक के अनुसार, सरकार ने संसद में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने का भी लिखित आश्वासन दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित हो।
हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। वांगचुक ने कहा कि उनकी प्राथमिकता तीन प्रमुख मांगों को लेकर थी और उन पर लिखित सहमति मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला किया।




