सीता विदाई प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावुक, श्रीराम कथा में भक्ति के साथ संस्कारों का संदेश
मेडर माता मंदिर परिसर में चल रहे सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अनूठा वातावरण देखने को मिला।

sonbhadra
6:54 PM, July 25, 2026
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन, सोनभद्र। मेडर माता मंदिर परिसर में चल रहे सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अनूठा वातावरण देखने को मिला। कथा के दौरान सीता विदाई प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनकर बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु भावुक हो उठे और पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया।
कथा वाचक पंडित दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने भगवान श्रीराम के वनगमन, केवट संवाद तथा मर्यादा, त्याग और धर्मपालन से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानवता के लिए आदर्श है और उनके चरित्र से प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में सत्य, कर्तव्य और सेवा की प्रेरणा मिलती है।
अपने प्रवचन में उन्होंने श्रीरामचरितमानस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षण, नैतिक मूल्यों के पालन तथा समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का संदेश भी दिया।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर रहा। श्रद्धालु देर रात तक कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते रहे।
कार्यक्रम के आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।




