मेडर माता मंदिर में श्रीराम जन्मोत्सव प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
मेडर माता मंदिर परिसर में चल रही सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया।

sonbhadra
7:34 PM, July 23, 2026
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन, सोनभद्र। मेडर माता मंदिर परिसर में चल रही सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा वाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने श्रीराम जन्म की कथा को सरल और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब गए।
कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल "जय श्रीराम" के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान के प्राकट्य का उत्सव मनाया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथावाचक ने अपने प्रवचन में कहा कि जब-जब संसार में अधर्म, अन्याय, अहंकार और अनैतिकता बढ़ती है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और भक्तों के कल्याण के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीराम केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि मर्यादा, आदर्श और धर्म के प्रतीक हैं, जिनका जीवन समाज को सत्य, कर्तव्य और नैतिकता का संदेश देता है।
रामकथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन में चोपन सहित जनपद सोनभद्र के अनेक गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लेकर कथा का श्रवण किया। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा।




