Shahjahanpur news : डॉक्टर की बायोमेट्रिक पहचान के बिना नहीं चलेगी अल्ट्रासाउंड मशीन
अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

shahjahanpur
6:30 PM, July 31, 2026
राहुल शुक्ला ब्यूरो
— डीएम ने शुरू कराई नई तकनीक, अवैध संचालन और भ्रूण लिंग जांच पर कसेगा शिकंजा
शाहजहांपुर। जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसी भी अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन तभी संभव होगा, जब संबंधित पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट या चिकित्सक अपने बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट से मशीन को सक्रिय करेंगे। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में मशीन स्वतः निष्क्रिय रहेगी।
नई व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के साथ शहर के एक अल्ट्रासाउंड केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए मशीन के संचालन की पूरी प्रक्रिया को देखा और इसके तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई थी कि कुछ स्थानों पर पंजीकृत चिकित्सकों की अनुपस्थिति में भी अल्ट्रासाउंड किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने और पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह तकनीक लागू की जा रही है।
नई प्रणाली के तहत प्रत्येक जांच का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। मशीन किस समय चालू हुई, किस डॉक्टर ने बायोमेट्रिक सत्यापन किया और कितनी जांचें की गईं, इसका पूरा विवरण दर्ज होगा। इससे किसी भी शिकायत या जांच के दौरान तथ्यों का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा।
डीएम ने बताया कि इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू किया जाएगा। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




