Shahjahanpur news : कागजों में फागिंग, गांवों में नहीं दिख रहा धुआं; भुगतान पर उठे सवाल
मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बीच विकास खंड खुटार की विभिन्न ग्राम पंचायतों में फागिंग व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

shahjahanpur
6:48 PM, June 10, 2026
राहुल शुक्ला ब्यूरो
खुटार, शाहजहांपुर। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बीच विकास खंड खुटार की विभिन्न ग्राम पंचायतों में फागिंग व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई पंचायतों में फागिंग मशीनों के संचालन और डीजल खर्च के नाम पर कागजी प्रक्रिया पूरी कर भुगतान किया जा रहा है, जबकि धरातल पर फागिंग का कार्य नजर नहीं आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत अभिलेखों में नियमित रूप से फागिंग कराए जाने का उल्लेख किया जा रहा है, लेकिन अधिकांश गांवों में लोगों ने लंबे समय से फागिंग मशीनों को काम करते नहीं देखा। ऐसे में फागिंग मद में दर्शाए जा रहे खर्च को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ ग्राम पंचायतों में फागिंग मशीनों के संचालन, मरम्मत और ईंधन के नाम पर भुगतान किए गए हैं। लोगों का मानना है कि यदि संबंधित अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए तो कई अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सरकार हर वर्ष पर्याप्त बजट उपलब्ध कराती है। ऐसे में यदि फागिंग केवल कागजों तक सीमित रह जाए तो इसका सीधा प्रभाव आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन ग्राम पंचायतों में फागिंग के नाम पर भुगतान हुआ है, वहां स्थलीय सत्यापन कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है या फिर फागिंग व्यवस्था कागजों तक ही सीमित रह जाती है।




