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नगर के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला मेले में कवि सम्मेलन का शानदार आयोजन किया गया।

shahjahanpur
5:47 PM, November 2, 2026
राहुल शुक्ला ब्यूरो
— हास्य, ओज और श्रृंगार रस की कविताओं ने बांधा समां, रानी चंदेली स्मृति साहित्य सृजन सम्मान से सम्मानित हुए दो कवि
खुटार, शाहजहांपुर। नगर के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला मेले में कवि सम्मेलन का शानदार आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कवियों ने हास्य, ओज, गीत, गजल और मुक्तकों की ऐसी छटा बिखेरी कि श्रोता देर रात तक कविताओं का आनंद लेते रहे। खचाखच भरे पंडाल में हर उम्दा रचना पर तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ युवा हास्य रस के कवि रोहित विश्वकर्मा ने मधुर कंठ से मां सरस्वती की वाणी वंदना प्रस्तुत कर किया। इसके बाद डॉ. कमल कांत के ओजस्वी कविता पाठ और शिवम आजाद के मधुर गीतों एवं मुक्तकों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हास्य रस के कवि अमरेंद्र सिंह चौहान के मंच पर आते ही श्रोताओं ने जोरदार तालियों से स्वागत किया। उनकी पुलिस, मोबाइल और विधवा पेंशन पर आधारित हास्य रचनाओं ने पंडाल में ठहाकों की गूंज पैदा कर दी।
ओज के कवि अतुल मधुकर ने भगवान श्रीराम पर आधारित छंदों का पाठ किया तो कई श्रोता भावुक हो उठे। उनके ओजस्वी काव्य पाठ पर जमकर तालियां बजीं। वहीं सिराज अली सिराज की भगवान श्रीराम पर नज्म और कौमी एकता पर आधारित गजल को भी श्रोताओं ने खूब सराहा। मेले के पदाधिकारियों और स्थानीय कवियों ने भी अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही बटोरी।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे अरविंद पंडित की 'एक जालीदार टोपी' और 'लटक रहे हैं आम' जैसी कविताओं को श्रोताओं ने खूब पसंद किया। कार्यक्रम का शानदार संचालन कर रहे कवि सुनीत बाजपेई के समसामयिक छंद, मुक्तक और कविताओं पर श्रोताओं ने करतल ध्वनि से सराहना की। भारतीय सैनिक शीर्षक से प्रस्तुत कविता को भी श्रोताओं का भरपूर स्नेह मिला।
महिलाओं के लिए रही अलग बैठने की व्यवस्था
श्रोताओं से खचाखच भरे पंडाल में महिलाओं के बैठने के लिए अलग व्यवस्था की गई थी। महिलाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ कवियों की रचनाएं सुनीं और भाव-विभोर होकर तालियों से कवियों का उत्साह बढ़ाया।
दो कवियों को मिला रानी चंदेली स्मृति साहित्य सृजन सम्मान
कार्यक्रम के अंत तक उपस्थित रहकर कवियों का उत्साह बढ़ाने वाले राजा शाह जू देव की कवियों ने विशेष सराहना की। कवियों ने कहा कि राजा साहब का अंतिम कवि तक मंच पर उपस्थित रहना साहित्य और कवियों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। राजा शाह जू देव ने हर वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी रानी चंदेली स्मृति साहित्य सृजन सम्मान प्रदान किया। इस दौरान बरेली के कवि कमल कांत तिवारी और सीतापुर के कवि अमरेंद्र सिंह चौहान को सम्मानित किया गया।




