सखी सईंया तो खूब ही कमात हैं, महंगाई डायन खाये जात है
महंगाई को देखते हुए हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। फिल्म पीपली लाइव का गाना ऐसे हालत में रसोई में काम करने वाली महिलाओं की जुबान पर सहसा आ जाते हैं 'सखी सैंया तो खूब ही कमात है महंगाई डायन खाए जात है।'

sonbhadra
9:53 AM, August 9, 2024
शान्तनु कुमार
23 जुलाई को मोदी सरकार ने आम बजट पेश किया । आम बजट यानी आम लोगों का बजट। बजट पेश होने के बाद सरकार के मंत्री व सहयोगी दलों के नेताओं ने इसे अच्छा व कल्याणकारी बताया था । आज हम आपको बजट पेश होने के 15 दिनों बाद की स्थिति से रूबरू कराएंगे कि किस तरह महगांई ने इन्हीं आम लोगों का जीवन दुश्वार कर दिया है ।
महंगाई को देखते हुए हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। अब लोग आवश्यक कार्यों में ही अपना पैसा खर्च करना चाह रहे हैं। फिल्म पीपली लाइव का गाना ऐसे हालत में रसोई में काम करने वाली महिलाओं की जुबान पर सहसा आ जाते हैं 'सखी सैंया तो खूब ही कमात है महंगाई डायन खाए जात है।'
एक मजदूर जो सुबह काम की तलाश में निकलता है उसे यह नहीं पता रहता कि आज उसे काम मिलेगा या फिर नहीं । वह गरीब मजदूर काम के दौरान थोड़ा आटा, आलू, प्याज, बैगन, टमाटर व धनिया, मिर्चा से बाटी लगाकर अपना पेट भर लेता था । लेकिन महंगाई ने गरीब से यह भोजन भी छीन लिया । आज हम आपको बताएंगे कि महंगाई किस कदर बढ़ी है और सिर्फ गरीब ही नहीं मध्यम वर्गीय परिवार भी इसकी चपेट में है ।
सब्जियों के दाम
सब्जी के नाम पहले आज
आलू - 30₹ 35₹
प्याज - 35₹ 50₹
टमाटर - 40₹ 60₹




