जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन, आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की मांग
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जुटे।

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12:17 AM, August 22, 2026
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा आरक्षण नीति की समीक्षा करने और सरकारी योजनाओं व सकारात्मक भेदभाव से जुड़ी नीतियों में आर्थिक स्थिति को प्रमुख आधार बनाए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का आह्वान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर संचालित ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ नामक पेज के जरिए किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के इक्विटी से जुड़े नियमों और एससी-एसटी से संबंधित प्रावधानों पर भी सरकार के सामने अपनी आपत्तियां रखीं। उनका कहना था कि आरक्षण का लाभ समाज के उन लोगों तक पहुंचना चाहिए, जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अधिक महत्व दिया जाए। उनका तर्क था कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की पहचान केवल जाति के आधार पर करने के बजाय उनकी वास्तविक आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
शुक्रवार देर शाम पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाना शुरू कर दिया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को बसों के जरिए मौके से बाहर भेजा।
प्रदर्शन में शामिल भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय सचिव सुधीर चौहान ने यूजीसी के प्रस्तावित नए नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रावधानों से छात्रों के बीच भेदभाव और आपसी तनाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने संबंधित नियमों को वापस लेने की मांग की।




