ओम प्रकाश राजभर ने X पर किया पोस्ट, अखिलेश यादव को कृष्ण नहीं कंसवंशी बताया
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने क् पर लम्बा चौड़ा पोस्ट कर अखिलेश यादव को जमकर खरी-खोटी सुनाया...

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10:34 AM, August 7, 2026
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने क् पर लम्बा चौड़ा पोस्ट कर अखिलेश यादव को जमकर खरी-खोटी सुनाया... ओम प्रकाश राजभर ने X पर लिखा कि सुनिए श्रीमान अखिलेश यादव जी, ऐसा लगता है कि आप भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हो ही नहीं सकते, क्योंकि उस वंश का नाश तो गांधारी के श्राप से पहले ही हो चुका है। आप लोग कृष्ण नहीं कंसवंशी हैं!
जब से आपकी पार्टी लोकसभा की 37 सीटें जीती है, आपके राक्षस मानो पागल हो चुके हैं।
आप जो पीडीए के नाम पर रोज नई-नई नौटंकी और ढोंग रच रहे हैं न, उसकी नुमाइश आपके हत्यारे अहिर गुंडे सरेआम कर रहे हैं।
गाजीपुर की मेरी दो मासूम बच्चियों की गलती सिर्फ इतनी थी कि वो सामंती यादवों के खेत में घास काटने चली गईं थीं।
बिटिया आंचल राजभर सिर्फ 13 साल की थी, जिसको आपके यादवों ने बेरहमी से मार डाला।
दूसरी बेटी चांदनी राजभर की उम्र तो बस 12 साल है, उसे भी आपके राक्षसों ने इतना पीटा कि वो बेचारी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
आपके लोग इतने बेरहम हैं कि एक अति पिछड़े समाज के युवक को अमेठी में बस इसलिए मौत के घाट उतार दिये कि उसने यादव समाज की युवती से प्रेम विवाह कर लिया था।
प्रेम विवाह करना पाप है क्या?
अति पिछड़े कश्यप समाज के युवक की मौत और उसकी गर्भवती यादव विधवा को लेकर आपकी जुबान से एक शब्द भी नहीं निकला!
वो बेचारा तो पत्नी के साथ सुखी जीवन जी रहा था। ये भी नहीं देखा गया आप लोगों को।
आपके कंसवंशी अहिर गुंडों ने उसे पहले बंधक बनाया, तिल-तिल तड़पाया, उसके गुप्तांग काटे, आंखें नोंच ली और फिर चाकू से गर्दन हलाल कर दिया। उफ़्फ़!
'सर तन से जुदा' वालों के साथ रहते-रहते आप कंस के वंशजों की बुद्धि और भी वहशी हो चुकी है।
और हां... कंसवंशी डीएनए वाले अहिरों कान खोलकर सुन लो, तुम्हारी दुश्मनी ओम प्रकाश राजभर से है न!
20 गौतमपल्ली, लखनऊ में रहता हूं, तुम्हारे कंस वाले खून में दम है तो जो बिगाड़ना है बिगाड़ लेना।
निर्दयी होकर मासूमों को मार के बीर-बलवान बनते हो?
जिस दिन राजभर, निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, मांझी, कश्यप, कहार, प्रजापति, कुम्हार, पाल, गड़रिया, नोनिया, तेली, लोहार, नाई, बंजारा, चौहान, माली, दर्जी, धीमर, धोबी, गोंड, वाल्मीकि, डोम, अरक, अर्कवंशी, बारी, वियार, तमेरा, शाक्य, सैनी, अहिरवार, कोइरी, फकीर, लोनिया, बाथम, तुरहा, गोडिया, मछुआ, बहेलिया, खटीक, पासी, मुसहर, नट, बांसफोर, विश्वकर्मा, चौरसिया समाज ने तुम्हारे खिलाफ मोर्चा खोल दिया न, तुम लोगों की जितनी गुंडई है उसे उतरने में 10 मिनट का टाइम भी नहीं लगेगा।
जय भारत। जय श्रीराम। जय श्रीकृष्ण। नमो बुद्धाय। जय महाराजा सुहेलदेव।




