Lakhimpur Kheri news : कस्ता–ममरी रोड से गोला हाईवे तक कंटीली डालियां बनीं हादसों का कारण, कांवड़ियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
कस्ता–ममरी रोड से गोला हाईवे तक सड़क किनारे खड़े पेड़ों की कंटीली और झुकी हुई डालियां श्रद्धालुओं और आम राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई हैं।

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2:25 PM, July 23, 2026
ऋषि कुमार (संवाददाता)
लखीमपुर खीरी। सावन माह के आगमन से पहले जहां प्रशासन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए तमाम तैयारियों का दावा कर रहा है, वहीं कस्ता–ममरी रोड से गोला हाईवे तक सड़क किनारे खड़े पेड़ों की कंटीली और झुकी हुई डालियां श्रद्धालुओं और आम राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई हैं। समय रहते इन पेड़ों की छंटाई न होने से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर लगे कई पेड़ों की शाखाएं सड़क तक झुक आई हैं। इनमें कई पेड़ों की कंटीली डालियां दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और विशेष रूप से कांवड़ लेकर गुजरने वाले श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। रात के समय या बारिश के दौरान यह खतरा और भी बढ़ जाता है।
हर वर्ष सावन में इस मार्ग से बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर गुजरते हैं। ऐसे में यदि समय रहते पेड़ों की छंटाई नहीं कराई गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि सावन शुरू होने से पहले पूरे मार्ग का निरीक्षण कर सड़क तक फैली पेड़ों की डालियों की तत्काल छंटाई कराई जाए, ताकि कांवड़ियों और अन्य राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शीघ्र कदम उठाना आवश्यक है।
अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह समय रहते इस समस्या का समाधान करता है या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई की जाती है। सावन में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मार्ग को सुरक्षित बनाना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है।




