Lakhimpur Kheri news : मोहाना नदी का रौद्र रूप, खेत और मकान समाए नदी में; हजारों एकड़ फसल बर्बाद
पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में मोहाना नदी उफान पर है।

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9:13 PM, September 1, 2026
ऋषिकांत शर्मा (संवाददाता)
लखीमपुर-खीरी। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में मोहाना नदी उफान पर है। नदी के तेज बहाव और कटान ने तटीय गांवों में भारी तबाही मचा दी है। हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न होकर बर्बाद हो गई, जबकि कटान की चपेट में आकर दो मकान नदी में समा गए। कई अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
निघासन तहसील क्षेत्र के करीब 26 गांवों की लगभग 35 हजार आबादी हर वर्ष बाढ़ और कटान की समस्या से जूझती है। इस बार जसनगर और नया पिंड गांव सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। नेपाल की पहाड़ियों और मैदानी इलाकों से लगातार पानी आने के कारण मोहाना नदी का जलस्तर घटने का नाम नहीं ले रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी के कटान ने इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक विकराल रूप ले लिया है। कई किसानों के खेत नदी में समा चुके हैं और दो घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। दर्जनों मकानों पर कटान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी गांव से काफी दूर बहने वाली नदी अब लगातार कटान के कारण आबादी के बेहद करीब पहुंच गई है।
उधर, जिले के उत्तरी हिस्से में मोहाना और दक्षिणी हिस्से में शारदा नदी के उफान से तटीय क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। बनबसा बैराज से शारदा नदी में पानी छोड़े जाने तथा नेपाल से मोहाना में लगातार पानी आने से हालात और गंभीर हो गए हैं। प्रशासन की ओर से कटान रोकने के लिए रोधक एवं बांध निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज बहाव के बीच ग्रामीणों को राहत और सुरक्षा को लेकर अभी भी चिंता बनी हुई है।




