जीवा गैंग का शार्प शूटर STF मुठभेड़ में ढेर, कई संगीन मामलों में था वांछित
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 14 जुलाई यानी सावन के पहले सोमवार को STF की टीम ने एक कुख्यात अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया।

muzaffarnagar
3:01 PM, July 14, 2025
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 14 जुलाई यानी सावन के पहले सोमवार को STF की टीम ने एक कुख्यात अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह अपराधी शाहरुख पठान पुत्र जरीफ, निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर, कुख्यात अपराधी संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
हत्या, रंगदारी और फरारी की लंबी फेहरिस्त
शाहरुख पर आधा दर्जन से अधिक गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2015 में उसने पुलिस कस्टडी में रेलवे स्टेशन पर आसिफ जायदा की हत्या कर दी थी। इसके बाद जेल में रहते हुए वह संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी के संपर्क में आया और उनके लिए काम करने लगा।
2016 में वह सिविल लाइन थाने से फरार हो गया था। फरारी के दौरान उसने 2017 में हरिद्वार के कंबल व्यापारी गोल्डी की हत्या कर दी थी। उसी साल उसने गवाह आसिफ जायदा के पिता की भी हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित हुआ था।
गिरफ्तारी, सजा और फिर से अपराध की ओर वापसी
इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और हरिद्वार के गोल्डी हत्याकांड में संजीव जीवा के साथ उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हाल ही में वह जमानत पर बाहर आया था। लगभग छह माह पूर्व जेल से छूटने के बाद उसने गवाहों को धमकाने और हत्या की कोशिश जैसे अपराध फिर से शुरू कर दिए थे। संभल जिले में इस सिलसिले में मुकदमा दर्ज हुआ था, जहां से वह वांछित चल रहा था।
मुठभेड़ और अंत
आज एसटीएफ मेरठ की फील्ड यूनिट ने उसे थाना छपार क्षेत्र में घेर लिया। मुठभेड़ के दौरान वह घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बरामदगी
एक 30 एमएम पिस्टल (बरेटा)




