Bihar News : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया मोड़, सीएम के बाद DGP के बयान से उठे सवाल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की घोषणा के करीब 24 घंटे बाद बिहार के डीजीपी के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

patna
9:02 PM, August 14, 2026
पटना। बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की घोषणा के करीब 24 घंटे बाद बिहार के डीजीपी के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। डीजीपी ने कहा है कि पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलाने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच अभी जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि पुलिस की ओर से कहीं जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
एक ओर मुख्यमंत्री की ओर से अंतरिम जांच रिपोर्ट के आधार पर मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की घोषणा की गई है, तो दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई को लेकर डीजीपी ने आत्मरक्षा के अधिकार की बात कही है। ऐसे में अब सबकी नजर जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी है।
17 जून को भोजपुर के बिलौती गांव में हुआ था एनकाउंटर
बता दें कि भरत तिवारी का 17 जून को भोजपुर जिले के बिलौती गांव में पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही भरत तिवारी के परिजनों और समर्थकों की ओर से एनकाउंटर को फर्जी बताए जाने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। आरोप है कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने हथियार डालकर सरेंडर कर दिया था। इसके बावजूद पुलिस की ओर से गोली चलाए जाने का सवाल उठाया गया। इसी को लेकर यह मामला लगातार विवादों में बना हुआ है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की अंतिम जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है। क्या पुलिस कार्रवाई आत्मरक्षा के दायरे में थी या फिर जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया गया? जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सकेगा।




