21 साल बाद 80 साल की मां को बेटे की हत्या का मिला इंसाफ
सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा कर सीमा यादव ने मनोज के साथ शादी रचाई लेकिन कुछ दिनों बाद जब सीमा का फौजी ढाबा के मालिक सुरेश यादव से नजदीकी बढ़ी और दोनों ने मनोज को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली ।

kanpur dehat
11:04 PM, August 6, 2024
सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा कर सीमा यादव ने मनोज के साथ शादी रचाई थी लेकिन कुछ दिनों बाद जब सीमा का फौजी ढाबा के मालिक सुरेश यादव से नजदीकी बढ़ी तो दोनों ने मिलकर मनोज को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली । रिश्ते को शर्मसार कर देने वाली घटना में आखिरकार सीमा ने सुरेश यादव के साथ मिलकर अपने पति मनोज का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी और उसका शव ढाबा के पास की ही सिंगूर नदी में शव बहा दिया । जिसके बाद से लगातार ममोज की बुजुर्ग मां लगातार इंसाफ के लिए थाने का चक्कर लगाती रही लेकिन सुरेश यादव के प्रभाव के चलते बुजुर्ग महिला निराश हो गयी । चूंकि सुरेश उस दौरान सपा में लोहिया वाहिनी का जिलाध्यक्ष हुआ करता था । जिसके प्रभाव के चलते पुलिस भी लाचार थी । लेकिन कहते हैं न कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं । धीरे-धीरे वक्त बीतता रहा और उत्तर प्रदेश में सरकार बदल गयी । जिसके बाद पीड़िता ने एक बार फिर से अपनी पैरवी तेज की । जिसके बाद सुरेश यादव और सीमा यादव के खिलाफ वर्ष अपहरण का मामला दर्ज हुआ । पुलिस ने पड़ताल शुरू की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की । 6 वर्ष तक मामले में कानूनी दांव पेंच चला । कानपुर देहात जिला न्यायालय में बाद एडीजे फस्ट पूनम सिंह ने आरोपी सुरेश और सीमा को दोषी करार दिया और दोनों को 10-10 कारावास सहित 50-50 हजार का जुर्माना लगाया और जुर्माने की 80 फीसदी रकम पीड़िता सुरज देई को दिए जाने का फैसला सुनाया।




