UP News : समीक्षा अधिकारी पेपर लीक मामले में STF को मिली बड़ी कामयाबी, गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार
समीक्षा अधिकारी पेपर लीक मामले में STF को मिली बड़ी कामयाबी, गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार

prayagraj
6:50 AM, June 24, 2024
एसटीएफ ने 11 फरवरी 2024 को आयोजित समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा-2023 का प्रश्नपत्र प्रिटिंग प्रेस से लीक कराने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है । इस मामले में प्रिन्टिग प्रेस के कर्मी सहित गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार किये गए हैं।
उ0प्र0 लोक सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा-2023 दिनांक 11 फरवरी 2024 को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित किया गया था। उक्त परीक्षा प्रारम्भ होने से पूर्व ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत मिलने पर उ0प्र0 शासन द्वारा उक्त परीक्षा को निरस्त करते हुये प्रश्नपत्र लीक प्रकरण की सम्पूर्ण जॉंच एस0टी0एफ0 उ0प्र0 को आवंटित की गयी थी । जिसके क्रम में एस0टी0एफ0 उ0प्र0 के उच्चाधिकारीगण द्वारा कमेटी गठित कर प्रश्नपत्र लीक प्रकरण के खुलासे के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये थे।उक्त निर्देश के क्रम में एस0टी0एफ0 उ0प्र0 की गठित कमेटी के पर्यवेक्षण में विभिन्न टीमों द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। टीमों द्वारा धरातलीय एवं इलेक्ट्रानिक अभिसूचना संकलन से प्रथम दृष्टया पाया गया कि उक्त परीक्षा का प्रश्नपत्र दिनांक 11 फरवरी 2024 को सुबह परीक्षा प्रारम्भ होने से पूर्व ही परीक्षा केन्द्र विशप जॉन्सन गर्ल्स स्कूल एण्ड कॉलेज जनपद प्रयागराज से आऊट करा लिया गया था। एस0टी0एफ0 उ0प्र0 द्वारा इस गैंग का पर्दाफाश करते हुये परीक्षा केन्द्र विशप जान्सन गर्ल्स स्कूल एण्ड कॉलेज जनपद प्रयागराज में परीक्षा का कार्य देखने वाले अर्पित विनीत यशवंत जिसने प्रश्नपत्र आऊट कर गैंग को उपलब्ध कराया था, इसके साथ-साथ गैंग के अन्य सदस्यों को एस0टी0एफ0 उ0प्र0 द्वारा पूर्व में विभिन्न तिथियों में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और विशप जॉन्सन गर्ल्स स्कूल एण्ड कॉलेज जनपद प्रयागराज के प्रबन्धक एवं प्रधानाचार्य की भूमिका के संबंध में भी जॉंच की जा रही है।उक्त प्रकरण में अभिसूचना संकलन हेतु निरीक्षक अमित श्रीवास्तव एस0टी0एफ0 फील्ड इकाई वाराणसी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी। धरातलीय अभिसूचना संकलन एवं डेटा विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि उक्त परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा केन्द्र से ही नही अपितु प्रिन्टिग प्रेस से भी आऊट कराये जाने की संभावना है। तब इस संबंध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त परीक्षा का प्रश्नपत्र उ0प्र0 लोक सेवा आयोग द्वारा प्रिटिंग प्रेस भोपाल में छपवाया गया था तथा एस0टी0एफ0 उ0प्र0 द्वारा पूर्व में गिरफ्तार किये गये उ0प्र0 आरक्षी पुलिस भर्ती का पेपर आऊट कराने वाले मास्टर माइण्ड राजीव नयन मिश्रा भी अपने गैंग के कुछ सदस्यों के साथ तत्समय भोपाल (म0प्र0) में ही रह रहा था। इस संबंध में जॉंचोपरान्त प्रकाश में आये प्रश्नपत्र लीक कराने में सम्मिलित उपरोक्त अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी पूछताछ में पाया गया कि उक्त परीक्षा के प्रश्नपत्र को दो तरीके से लीक कराया गया।पहला यह प्रश्नपत्र प्रयागराज स्थित बिसप जान्सन गर्ल्स स्कूल एण्ड कॉलेज प्रयागराज के परीक्षा कार्य देखने वाले अर्पित विनीत यशवंत को मिलाकर कमलेश कुमार पाल उर्फ के0के0, डा0 शरद सिंह पटेल, सौरभ शुक्ला व अरूण सिंह ने प्रश्नपत्र को परीक्षा के दिन दिनांक 11 फरवरी 2024 को परीक्षा प्रारम्भ होने के पूर्व ही प्रातः लगभग 06.30 बजे परीक्षा केन्द्र से ही मोबाइल फोन से स्कैन कर आऊट करा लिया गया गया था। उक्त संदर्भ में अर्पित विनीत यशवंत, कमलेश कुमार पाल उर्फ के0के0, डा0 शरद सिंह पटेल, सौरभ शुक्ला, अरूण सिंह आदि लोगों को एस0टी0एफ0 उ0प्र0 द्वारा गिरफ्तार कर पूर्व में जेल भेजा जा चुका है।
दूसरा उक्त प्रश्नपत्र प्रिटिंग प्रेस के कर्मी सुनील रघुवंशी को मिलाकर प्रिटिंग प्रेस से आऊट कराया गया था। इस संबंध में छानबीन से पाया गया कि राजीव नयन मिश्रा, सुभाष प्रकाश, विशाल दूबे एवं सुनील रघुवंशी (प्रिटिंग प्रेस कर्मी) अलग-अलग प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेज में पढते थे। विशाल दूबे और सुनील रघुवंशी वर्ष 2014 से 2017 तक इंजिनियरिंग कॉलेज में एक साथ पढे थे। सुनील रघुवंशी प्रिन्टिग प्रेस में मैकेनिकल इंजिनियर के पद पर नौकरी करने लगा तथा सुभाष प्रकाश प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेज में नौकरी करने लगा। विशाल दूबे और राजीव नयन मिश्रा प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेजों में इच्छुक छात्रों का एडमिशन कराने का काम करते थे। इसी सिलसिले में इन दोनों की सुभाष प्रकाश से जान-पहचान एवं दोस्ती हो गयी थी। विशाल दूबे को जब पता चला कि उसके साथ का पढा हुआ सुनील रघुवंशी प्रिन्टिग प्रेस में नौकरी करता है तो यह बात विशाल दूबे ने मास्टरमाइन्ड राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल एवं सुभाष प्रकाश को बतायी। इस पर राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल ने इन दोनों से कहा कि तुम लोग सुनील रघुवंशी के सम्पर्क में रहो और उत्तर प्रदेश में होने वाली किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र छपने के लिये आता है तो इस बारे में बताने और प्रश्नपत्र को आऊट कराने के लिये सुनील रघुवंशी को तैयार करो। विशाल दूबे ने सुनील रघुवंशी को पैसे का लालच देते हुये कहे कि उ0प्र0 में होने वाली किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र छपने के लिये आता है तो तुरन्त बताना। पैसे के लालच में आकर सुनील रघुवंशी तैयार हो गया। कुछ समय के उपरान्त सुनील रघुवंशी ने अपने साथी विशाल दूबे को बताया कि प्रिन्टिग प्रेस में एक प्रश्नपत्र छपने के लिये आया है, जिसमें से एक प्रश्नपत्र में 140 प्रश्न है तथा दूसरे प्रश्नपत्र में 40 प्रश्न हैं। इसकी चर्चा विशाल दूबे ने अपने पूर्व परिचित राजीव नयन मिश्रा और सुभाष प्रकाश से किया। चूंकि समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी के पदों पर भर्ती हेतु परीक्षा की प्रक्रिया चल रही थी और पूर्व के पैटर्न के अनुसार इस परीक्षा के एक प्रश्नपत्र में 140 व दूसरे में 40 प्रश्न ही पूछे जाते हैं, इस आधार पर राजीव नयन मिश्रा और विशाल दूबे ने सुभाष प्रकाश व सुनील रघुवंशी को बताया कि यह समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र छपने के लिये आया हुआ है। राजीव नयन मिश्रा, विशाल दूबे एवं सुभाष प्रकाश ने इस प्रश्नपत्र को आऊट कराने के लिये सुनील रघुवंशी को तैयार कर लिया। सुनील रघुवंशी उक्त प्रश्नपत्र को उपलब्ध कराने के लिये 10 लाख रूपये की मॉंग करते हुये अभ्यर्थियों को उक्त प्रश्नपत्र भोपाल में अपने सामने पढवाये जाने की शर्त रखी, ताकि व्यापक रूप से प्रश्नपत्र वायरल न होने पाये, जिसपर राजीव नयन मिश्रा, विशाल दूबे और सुभाष प्रकाश तैयार हो गये।उक्त प्रश्नपत्र को आऊट कराने की योजना तैयार हो जाने के उपरान्त सुनील रघुवंशी प्रश्नपत्र की छपाई पर नजर रखने लगा तथा प्रिन्टिग प्रेस के मशीन की मरम्मत के नाम पर प्रिन्टिग प्रेस मशीन के आस-पास रहकर सही व सुरक्षित समय का इन्तजार करने लगा। प्रिन्टिग के दौरान यदि कोई प्रश्नपत्र स्याही आदि के कारण थोडा बहुत खराब हो जाता है, तो उसे छांट कर अलग रखा जाता है और जिसे बाद में कटर मशीन में नष्ट कर दिया जाता है। दिनांक 03 फरवरी 2024 को सुनील रघुवंशी मशीन की मरम्मत के नाम पर मौजूद था और मौका देखकर प्रिन्टिग प्रेस मशीन के एक पार्ट को बाहर ठीक कराने के नाम पर अपने पीने के पानी के बोतल के साथ लेकर प्रेस से आ गया। इन्हीं में प्रश्नपत्र छुपाकर बाहर लाया था। प्रश्नपत्र को अपने घर पर ले जाकर रख दिया। इसकी जानकारी विशाल दूबे को दिया और विशाल दूबे ने राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल व सुभाष प्रकाश को बताया। इसके उपरान्त इन लोगों द्वारा आपस में तय किया गया कि दिनांक 08 फरवरी 2024 को अभ्यर्थियों तथा सॉल्वर को लेकर कोमल होटल में इकठ्ठा होगें। होटल में ही सॉल्वरों से प्रश्नपत्र को हल कराकर अभ्यर्थियों को पढवा दिया जायेगा। राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल व उसके गैंग के सदस्यों द्वारा प्रति अभ्यर्थी से 12-12 लाख रूपया तय किया गया था।दिनांक 08 फरवरी 2024 को पूर्व नियोजित योजना के तहत कोमल होटल पर सबसे पहले विशाल दूबे अपने साथ संदीप पाण्डेय को लेकर पहुॅचा। इसके बाद सुनील रघुवंशी प्रश्नपत्र की 06-06 फोटो कापी कराकर वहॉं पहुचा। सुभाष प्रकाश ने गाइड व मोबाइल फोन से प्रश्नपत्रों को हल कराया तथा वहॉं मौजूद अभ्यर्थियों को पढाया गया। विवेक उपाध्याय और अमरजीत शर्मा अभ्यर्थियों को लेकर कोमल होटल पहुंचे थे, जिन्हें हल प्रश्नपत्र वहॉं पढाया गया था। यहॉं यह उल्लेखनीय है कि गैंग के प्रमुख सदस्य सुभाष प्रकाश स्वयं भी समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा का फार्म भरा था। इसी दौरान विशाल दूबे व सुभाष प्रकाश ने अपने मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र की फोटो खिंचकर राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल को भेज दिया। सुभाष प्रकाश के पास से बरामद आई-फोन को खोलवाकर देखने पर पाया गया है कि सुभाष प्रकाश द्वारा प्रश्नपत्रों का फोटो खींचकर दिनांक 09 फरवरी 2024 को ही रात्रि समय 10.31 बजे सामान्य हिन्दी का प्रश्नपत्र क्रमांक 4131167 और 10.32 बजे सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र क्रमांक 1398546 अपने गैंग के सदस्यों को व्हाट्सटप किया गया है। उल्लेखनीय है कि यह दोनों उसी क्रमांक वाले प्रश्नपत्र हैं, जो सोशल मीडिया में वायरल हुये थे। इसके बाद राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने के लालच में वह प्रश्नपत्र अपने गैंग के सदस्यों डा0 शरद सिंह पटेल, सौरभ शुक्ला, अमित सिंह, अरूण कुमार सिंह, कामेश्वर, रवि अत्री व पुष्कर आदि के साथ-साथ अपने अन्य एजेण्टों को भेजकर पढवाया और इस तरह से यह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यहॉं यह भी उल्लेखनीय है कि पेपर आऊट कराकर नकल कराने वाले उपरोक्त अपराधियों का एक संगठित गैंग है। इस गैंग में सरगना राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल की परिचित शिवानी भी सम्मिलित है। शिवानी ही राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल के पैसों के लेन देन का काम देखती थी। उक्त प्रश्नपत्र के आऊट होने में और लोगों की संलिप्तता के संबंध में अभी जॉंच एवं विवेचना एस0टी0एफ0 उ0प्र0 द्वारा प्रचलित है। जॉंच एवं विवेचना के उपरान्त आवश्यक विधिक कार्यवाही की जायेगी। उक्त प्रकरण में एस0टी0एफ0 उ0प्र0 द्वारा निम्नलिखित अभियुक्तों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है ।
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