Sonbhadra News : अब विवाह के एक महीने के अंदर देनी होगी उपहारों की सूची, उस पर होंगे वर-वधू के हस्ताक्षर
दहेज के विरुद्ध एक और युद्ध

sonbhadra
11:16 AM, June 28, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
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सोनभद्र । यूपी में दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत अब विवाह के 1 महीने के अंदर दोनों पक्षों को विवाह में मिले उपहार की सूची जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी को सौंपनी होगी। बता दें कि जनपद में जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी भी होता है। महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश ने दहेज उत्पीड़न की रोकथाम के लिए कुछ ठोस कदम उठाए हैं, जैसे कि अब सभी मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल में इनका मोबाइल नंबर भी अंकित किया जाएगा।
सामाजिक कुरीतियों को बढ़ावा देता है दहेज –
जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी पुनीत टंडन ने बताया कि दहेज प्रतिषेध नियमावली 1999 की धारा 10 में उल्लेख है कि विवाह के पक्षकारों या माता-पिता में से कोई या उनमें से किसी के द्वारा दहेज प्रतिषेध अधिकारीको विवाह के दिनांक से 1 महीने के भीतर दहेज प्रतिषेध (वर वधू भेंट सूची) नियम 1985 के अनुसार तैयार की गयी उपहारों की सूची प्रस्तुत की जायेगी।
दहेज और उपहार में है अंतर –
जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी पुनीत टंडन ने बताया कि दहेज और उपहार में अंतर है। दहेज में एक रुपया भी लेना गैर कानूनी है। दहेज को माना जाता है कि वर या वधू पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष पर शादी की एवज में दबाव बनाकर इसे लिया है जबकि उपहार कोई भी अपनी खुशी से देता है। ऐसे में उपहार लेना या देना गैरकानूनी नहीं है। बस इसकी जानकारी सूचीबद्ध कर प्रशासन को देनी होगी।




