सोनभद्र

डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक का सोनभद्र दौरा आज, क्या मंत्री जी सूबे के अंतिम जिला व अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकेंगे बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

सुप्रभात खबर

शान्तनु कुमार/आनंद चौबे

जिले में यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का एक दिवसीय दौरा सोनभद्र होने जा रहा है । योगी सरकार पार्ट 2 में डिप्टी सीएम के साथ स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी ब्रजेश पाठक के पास है । सरकार बनने के बाद पहली बार सोनभद्र आ रहे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है । मंत्री के सामने सब कुछ ठीक जाय इसके लिए स्वास्थ्य महकमा अभी से जुट गया है । लेकिन लम्बे समय सोनभद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी पर है और सिर्फ कागजों पर ही चल रहा है।

प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों में शामिल सोनभद्र के जिला संयुक्त चिकित्सालय का हाल बेहाल है। आलम यह है कि डॉक्टरों की कमी से अस्पताल की सांसे उखड़ रही हैं। पिछले कई वर्षों से प्रमुख विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। इसका खामियाजा जिदगी मौत से जूझ रहे मरीजों को उठाना पड़ता है। जिला संयुक्त चिकित्सालय की तरफ से शासन को पिछले कई वर्षों से कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलोजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट आदि डॉक्टरों की तैनाती के लिए पत्राचार भी किया जाता रहा है लेकिन अब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने का खामियाजा मरीजों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के चिकित्सा व्यवस्था की बात करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों के कुल 144 पद स्वीकृत है लेकिन इनमें से 94 पदों पर ही डॉक्टरों की तैनाती है। वहीं विभागीय सूत्रों की माने तो ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात लगभग दो दर्जन से अधिक डॉक्टर अधिकारियों से मिलीभगत कर पिछले कई वर्षों से नदारद चल रहे हैं हालांकि गाहे बगाहे स्वास्थ्य विभाग ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ नोटिस जारी कर अपनी इतिश्री कर लेता है।
जिला मुख्यालय पर हर रोज नए नए प्राइवेट अस्पताल खुल रहे हैं जो न तो मानक को पूरा करते हैं और न ही सरकारी नियमों को मानते हैं । बड़ा सवाल तो यह है कि आखिर इन अस्पतालों को लाइसेंस कैसे मिल जाता है । छोटे-छोटे भवनों में चलने वाले नर्सिंग होम में दलाल इस कदर हाबी है कि वे मरीजो को सरकारी अस्पताल तक जाने ही नहीं देते उसके पहले हाईजैक कर लेते हैं और बहला-फुसलाकर ले आते हैं और इलाज के नाम पर शोषण कर छोड़ देते हैं । कई बार गरीबों को बंधक बनाकर उनका शोषण किया जाता है । लेकिन वावजूद इसके हो हल्ला होने पर कुछ दिनों के लिए स्वास्थ्य विभाग कार्यवाही के नाम पर बन्द कर बाद में खोल दिया जाता है।
जिले में अवैध नर्सिंग होम के अलावा झोलाछाप डॉक्टर व अवैध पैथालॉजी की भी भरमार हैं जिनकी गलत रिपोर्टिंग व इलाज कर चलते अक्सर मरीजों की जान तक चली जाती है ।

कुल मिलाकर सरकार बनने के बाद पहली बार सोनभद्र दौरे पर आ रहे स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को इन सवालों से भी जूझना पड़ेगा और प्रदेश के अंतिम जिला व अंतिम पादान ओर रहने वाले लोगों तक सरकारी सुविधा कैसे पहुंचे इस दिशा में भी सोचना होगा । ताकि जिले में लम्बे समय से कॉकस बनाकर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर लगाम लग सके ।

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