सोनभद्र

सोनभद्र के पूर्व कलेक्टर व चीफ सेक्रेटरी दुर्गा शंकर मिश्र विकास को देखकर हुए गदगद मगर आज तक सोनभद्र नेहरू का स्विट्जरलैंड नहीं बन सका

सुप्रभात खबर

शान्तनु कुमार

चीफ सेक्रेस्टरी उत्तर प्रदेश सरकार दुर्गा शंकर मिश्र मंगलवार को जब सोनभद्र पहुंचे तो वे काफी भावुक दिखे। जिलाधिकारी के रूप में अपनी पहली पोस्टिंग की शुरुआत सोनभद्र से करने वाले दुर्गा शंकर मिश्र ने 30 साल पहले की अपनी कर्मभूमि में बदलाव देखकर काफी खुश नजर आए । उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए उन दिनों को भी याद किया जब उन्हें विकास के लिए पैदल चलना पड़ता था और दूरदराज रहने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए ट्रेन तक का सहारा लेना पड़ता था ।
चीफ सेक्रेटरी ने लोगों से आह्वान किया कि भारत को 2048 तक विकसित देशों में शामिल करना है, इस लक्ष्य में खुद की भागीदारी सुनिश्चित करें ।
चीफ सेक्रेटरी के रूप में अपनी सेवा दे रहे दुर्गा शंकर मिश्र 30 साल पहले के सोनभद्र और आज के सोनभद्र में बदलाव को देखकर भले ही खुश हैं लेकिन इन तीस सालों में सोनभद्र ने कितने आरोप-प्रत्यारोप झेले हैं उनसे शायद वे वाकिफ नहीं । कैसे नेहरू के स्विट्जरलैंड वाला सोनभद्र नक्सल जनपद बन गया और फिर बाद में धीरे-धीरे भ्रष्टाचार का केंद्र बनता चला गया, यह शायद चीफ सेक्रेटरी को नहीं पता। चीफ सेक्रेटरी ने बेशक सोनभद्र के लिए काफी कुछ किया है मगर 1989 में जिला बनने से लेकर आज तक सोनभद्र स्विट्जरलैंड नहीं बन सका । आलम यह ही कि आज सोनभद्र की पहचान पावर हब के अलावा भ्रष्टाचार के लिए जाना जाता है, चाहे वह मनरेगा भ्रष्टाचार हो या फिर कोयला या खनन भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचारियों ने सोनभद्र को अपना गढ़ बना लिया है ।
चीफ सेक्रेटरी को यह भी देखना होगा और लोगों के साथ अपने ब्यूरोक्रेट्स को समझाना होगा कि यदि भारत को 2048 तक विकसित देशों में शामिल करवाना चाहते है तो उन्हें मेहनत के साथ ईमानदारी भी लानी व दिखानी होगी । सोनभद्र में जिस तरह से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और ब्यूरोक्रेट्स कार्यवाही के बजाय इसे खुद बढ़ावा दे रहे हैं ऐसे में पीएम मोदी का सपना कभी साकार नहीं हो सकेगा, जिसका जिक्र चीफ सेक्रेटरी मंगलवार को सोनभद्र में कर रहे थे।
बहरहाल भारत को विकसित देश होने में अभी काफी समय है लेकिन वर्तमान समय में जिस तरह से लोग मंहगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार से तंग हैं इसे भी रोकना होगा क्योंकि रामराज की कल्पना तभी किया जा सकता है जब हर व्यक्ति खुश व संतुष्ट होगा ।

सम्बन्धित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page