शाहजहाँपुर

पकड़ी गई जंगल की अवैध लकड़ी को पहुंचाने के लिए मांगे गए ट्रैक्टर को लेने पहुंचे दरोगा, वन विभाग ने ट्रैक्टर किया सीज

राहुल शुक्ला ब्यूरो

– अवैध कटान की जंगली लकड़ी बरामद होने के बाद पुलिस और वन विभाग आमने-सामने
– वर्षों से वन विभाग व लकड़ी कारोबारी कि चल रही थी सांठगांठ
– पकड़े जाने के बाद एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप
– सही से हो जांच तो कई बन कर्मियों पर एक बार फिर गिर सकती है गाज

खुटार-शाहजहांपुर। क्षेत्र के गांव चतुरपुर निवासी एक ग्रामीण का ट्रेक्टर अवैध लकड़ी रेंज कार्यालय तक पहुंचाने के लिए थाना क्षेत्र के पुलिस दरोगा के द्वारा मांगा गया था उस ट्रैक्टर को वन अधिकारियों ने कार्यालय पर सीज कर दिया ट्रैक्टर मालिक ने ट्रैक्टर मांगने वाले दरोगा से अपना ट्रैक्टर वापस देने के लिए कहा इस पर संबंधित दरोगा ने रेंज कार्यालय पर जाकर ट्रैक्टर लाने का प्रयास किया जिस पर रेंज कार्यालय पर रेंज अधिकारी के मौजूद न होने पर दरोगा की महिलाओं से हॉट टाक हुई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बताते चलें कि चतुरपुर गांव में वन विभाग से मिलकर जंगल की लकड़ी का कारोबार का कार्य तेजस्तर से वर्षों से चल रहा है सूचना पर बीती 14 जनवरी को वन विभाग के रेंजर अपने वन कर्मियों के साथ सादी वर्दी में प्राइवेट असलाह लेकर लकड़ी पकड़ने के लिए क्षेत्र के गांव चतुरपुर के घरों में घुसे महिलाओं द्वारा विरोध करने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची जिसके बाद विजय पाल के घर से वनकर्मियों ने लगभग एक ट्राली चिरी व बनी समेत कुछ बोटे भी बरामद की।
बरामद की गई लकड़ी को ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था पुलिस द्वारा कराई गई मांगे गए वाहन को भी वन विभाग द्वारा सीज कर दिया गया। बताया गया ट्रैक्टर ट्राली अवैध लकड़ी के अवैध कारोबारी के पुत्र की है और जंगल में लकड़ी लाने का काम ट्रैक्टर से किया जाता था इसलिए जांच के बाद ट्रैक्टर को सीज कर दिया गया है हालांकि वन विभाग पर यह भी आरोप है कि इसी ट्रैक्टर से जंगल में कई दिनों तक विभाग द्वारा किराए पर कार्य भी कराया गया है जिसके बदले में वन कर्मियों द्वारा लकड़ी दी गई थी जिसे बन कर्मियों ने पकड़ा है और आरोप लगाने वाले का दावा है कि जंगल के कर्मियों द्वारा ही अवैध लकड़ी का व्यापार कराया जाता है।
यह भी बताया जा रहा है पकड़ी गई लकड़ी में से कुछ लकड़ी परमिटेड भी थी और लकड़ी कारोबारी के वन विभाग के कर्मियों से अच्छे खासे संबंध वर्षों से चले आ रहे थे दावा किया जा रहा है कि मोबाइल डिटेल से अगर जांच की जाए तो कई बन कर्मियों पर गाज गिर सकती है।

आरोपी लकड़ी कारोबारी विजयपाल
विजयपाल का कहना है कि उसके पुत्र का ट्रैक्टर वन विभाग के काम से जंगल में 20 दिन तक भाड़े पर चलता रहा जिसका कोई किराया नहीं दिया गया एवज में वनकर्मियों ने कुछ लकड़ियां दी थी बरामद लकड़ियां जबरन ट्रैक्टर में भरकर ले जाई गई जिनमें से कुछ लकड़ियों का मेरे पास परमिट भी है और वह लकड़ी का मिस्त्री भी है।

रेंजर खुटार मनोज श्रीवास्तव
सूचना पर विजय पाल के घर से लकड़ी बरामद की गई थी ट्रैक्टर पुलिस और मेरे द्वारा मांगा गया था जांच के बाद ट्रैक्टर लकड़ी के कारोबार में संलिप्त पाया गया जिसे सीज कर दिया गया। पुलिस के दरोगा ने रेंज पर पहुंचकर ट्रैक्टर ले जाने का प्रयास किया जिसका महिलाओं ने विरोध किया एवं वीडियो भी बने हैं।

खुटार पुलिस दरोगा संजीव मिश्रा

दरोगा संजीव मिश्रा का कहना है कि उनके द्वारा ट्रैक्टर लकड़ी पहुंचाने के लिए मांग कर दिया गया था जिसको वापस लेने के लिए रेंजर साहब से बात करने के बाद ही रेंज पर पहुंचे थे लेकिन मौके पर रेंजर साहब नहीं मिले अन्य आरोप निराधार हैं।

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