Varanasi News : गंगा के ऊपर गूंजी राफेल और सुखोई की गर्जना, ‘विंग्स ओवर गंगा’ में दिखा वायुसेना का शौर्य
राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और तेजस समेत विभिन्न विमानों के हवाई करतबों ने घाटों पर मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया।

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10:55 PM, October 22, 2026
० वाराणसी में पहली बार एयर शो का आयोजन
० लड़ाकू विमानों के हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को किया रोमांचित; 24 और 25 अक्टूबर को भी होगा हवाई प्रदर्शन
वाराणसी । धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में गुरुवार को गंगा की लहरों के ऊपर भारतीय वायुसेना की ताकत, तकनीक और जांबाज पायलटों के कौशल का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पहली बार वाराणसी में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो की शुरुआत होते ही आसमान लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंज उठा। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और तेजस समेत विभिन्न विमानों के हवाई करतबों ने घाटों पर मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया। इस आयोजन का अगला प्रदर्शन 24 और 25 अक्टूबर को भी किया जाएगा।
गंगा के ऊपर तेज रफ्तार से उड़ान भरते लड़ाकू विमानों, अचानक दिशा बदलते जेट और आसमान में आकर्षक फॉर्मेशन बनाते वायुसेना के विमानों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घाटों पर जुटे। विमानों की गर्जना और पायलटों के सटीक नियंत्रण ने दर्शकों का ध्यान आसमान पर टिकाए रखा। हवाई प्रदर्शन के जरिए भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, आधुनिक तकनीक और कठिन परिस्थितियों में विमानों को नियंत्रित करने की दक्षता का प्रदर्शन किया गया।
राफेल और सुखोई के करतबों ने बांधा समां
एयर शो में राफेल के प्रदर्शन ने दर्शकों में खास उत्साह पैदा किया। तेज गति से उड़ान भरते हुए विमान ने हवा में तीखे मोड़ लिए और अलग-अलग ऊंचाइयों पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। विमान की रफ्तार, संतुलन और पायलट के सटीक नियंत्रण का तालमेल देखने लायक रहा। सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और अन्य लड़ाकू विमानों ने भी अपने हवाई कौशल से दर्शकों को रोमांचित किया।
विभिन्न विमानों के समन्वित प्रदर्शन और आकर्षक फॉर्मेशन ने कार्यक्रम को खास बना दिया। काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े नामों वाले फॉर्मेशन के जरिए भी वायुसेना की प्रदर्शन टीमों ने अपनी दक्षता का परिचय दिया।
चिनूक और गरुड़ कमांडो का प्रदर्शन बना आकर्षण
हवाई प्रदर्शन में लड़ाकू विमानों के साथ हेलीकॉप्टरों और परिवहन विमानों की क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया गया। चिनूक हेलीकॉप्टर से जवानों के उतरने का प्रदर्शन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। भारतीय वायुसेना के विशेष बल ‘गरुड़’ की भागीदारी ने भी कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बनाया। हेलीकॉप्टरों के जरिए किए गए प्रदर्शन में जवानों का साहस, अनुशासन और सटीक तालमेल देखने को मिला।
करीब 100 विमानों ने लिया हिस्सा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एयर शो में करीब 100 विमानों की भागीदारी रखी गई, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं। इन विमानों ने देश के 12 वायुसेना अड्डों से उड़ान भरी। पूरे प्रदर्शन के दौरान 25 विमान फॉर्मेशन के जरिए वायुसेना की विभिन्न परिचालन क्षमताओं और वायु योद्धाओं के कौशल को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शन में एलसीएच प्रचंड, चिनूक, एएलएच मार्क-III और मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 तथा एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर शामिल रहे। परिवहन और सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई ने भागीदारी की। लड़ाकू विमानों में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए तेजस, मिग-29 और जगुआर ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। हार्वर्ड विमान के साथ सूर्यकिरण और सारंग प्रदर्शन टीमों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भारतीय थल सेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टरों और भारतीय नौसेना के पी-8आई विमान तथा कामोव-31 हेलीकॉप्टर की भागीदारी ने संयुक्त सैन्य क्षमता की झलक पेश की।
प्रचंड फॉर्मेशन में दिखी युद्धक क्षमता
एयर शो के दौरान प्रचंड फॉर्मेशन के जरिए भारतीय वायुसेना की युद्धक तैयारी, परिचालन क्षमता और सटीक कार्रवाई करने की दक्षता को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शन ने दर्शकों को आधुनिक सैन्य विमानन की क्षमताओं से रूबरू कराया। कार्यक्रम में विभिन्न विमानों के बीच समन्वय और मिशन के अनुरूप उनकी भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
24 और 25 अक्टूबर को भी होगा प्रदर्शन
‘विंग्स ओवर गंगा’ को काशी के लिए एक विशेष आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। गंगा, घाटों और ऐतिहासिक शहर की पृष्ठभूमि में आयोजित इस एयर शो के जरिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। 22, 24 और 25 अक्टूबर को निर्धारित इस आयोजन में विमानों की गर्जना, आकर्षक फॉर्मेशन और जांबाज जवानों के प्रदर्शन से काशी का आसमान देश की हवाई ताकत का गवाह बन रहा है।




