UP News : अयोध्या राजकीय मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच के आदेश
अयोध्या राजकीय मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य के खिलाफ शासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

lucknow
12:57 PM, July 23, 2026
- वित्तीय अनियमितताओं के मामले में शासन ने दिये जांच के आदेश
- अवकाश पर रहने के दौरान सरकारी खरीद टेंडरों को मंजूरी व चेकों पर हस्ताक्षर किए जाने की शिकायत
लखनऊ। अयोध्या राजकीय मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में शासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। मामले की विस्तृत जांच चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक (DGME) नेहा शर्मा को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अवकाश पर रहने के दौरान भी सरकारी खरीद से जुड़े GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल पर टेंडरों को मंजूरी दी और बड़ी राशि के भुगतान से संबंधित चेकों पर हस्ताक्षर किए। शिकायत में कहा गया है कि अवकाश पर जाने से पहले उन्होंने अपना कार्यभार दूसरे अधिकारी को सौंप दिया था, इसके बावजूद वित्तीय निर्णय लिए गए।
यह मामला तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई थी।
क्या हैं आरोप?
शिकायत के मुताबिक, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बीमारी के कारण अवकाश पर रहते हुए भी 7 और 10 जनवरी को लगभग 84 लाख रुपये के GeM अनुबंधों को स्वीकृति दी। इसके अलावा 8 से 10 जनवरी के बीच 17 चेकों के माध्यम से करीब 1.29 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। शिकायत में कुल 2.12 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी व्यय को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अवकाश के दौरान उन्होंने अपना कार्यभार डॉ. पारस खरबंदा को सौंप रखा था। वहीं, 16 जनवरी 2023 को उन्हें प्राचार्य पद से हटाने के आदेश भी जारी हो चुके थे। ऐसे में अवकाश अवधि के दौरान किए गए कथित वित्तीय फैसलों और भुगतानों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
शासन की नजर जांच रिपोर्ट पर
प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए शासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोष तय होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय और अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




