UP News : संजय निषाद पर भाजपा सांसद बाबूराम निषाद का बड़ा हमला, बोले- दबाव की राजनीति स्वीकार नहीं करेगी भाजपा
उन्होंने कहा कि निषाद समाज की आस्था भगवान राम में है और वे निषादराज तथा केवट के वंशज हैं, जिनकी परंपरा में सिद्धांतों और सनातन मूल्यों का विशेष महत्व रहा है।

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9:44 AM, October 22, 2026
लखनऊ। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के वायरल वीडियो को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि गठबंधन में रहते हुए सरकार पर दबाव बनाने की राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
बाबूराम निषाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और पूरा एनडीए गठबंधन एकजुट है। हालांकि, कुछ लोग गठबंधन में रहते हुए अनर्गल बयान देकर चर्चा में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने संजय निषाद की ओर इशारा करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का खुद को किसी विशेष समाज का ‘गॉडफादर’ बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज की आस्था भगवान राम में है और वे निषादराज तथा केवट के वंशज हैं, जिनकी परंपरा में सिद्धांतों और सनातन मूल्यों का विशेष महत्व रहा है।
संवाद और विमर्श से होगा निर्णय
भाजपा सांसद ने कहा कि गठबंधन की राजनीति में किसी भी मुद्दे पर बातचीत, विचार-विमर्श और आपसी सहमति के बाद ही निर्णय लिया जाता है। भीड़ जुटाकर या दबाव बनाकर अपनी मांगें मनवाने की कोशिश सफल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ सभी जातियों और धर्मों के लोग जुड़े हैं और पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों तथा वंचितों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के सहयोगी दलों और उनके नेताओं को भी राजनीतिक अवसर मिले हैं, लेकिन गठबंधन में रहते हुए पार्टी पर दबाव बनाने की प्रवृत्ति उचित नहीं है। भाजपा दबाव की राजनीति करने वालों की मंशा को अच्छी तरह समझती है और इस तरह के तौर-तरीकों को स्वीकार नहीं करेगी।
निषाद आरक्षण को लेकर जारी है सियासी बयानबाजी
दरअसल, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद लंबे समय से अपने समाज को आरक्षण दिए जाने की मांग उठा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर उनके बयानों के बीच राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। संजय निषाद ने यहां तक कहा है कि जिसने भी उन्हें धोखा दिया है, उसे नुकसान उठाना पड़ा है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने में समाजवादी पार्टी ही सक्षम है।
निषाद समाज के आरक्षण की मांग को लेकर भाजपा, निषाद पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच बयानबाजी से उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर सरगर्मी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि गठबंधन के भीतर इस विवाद और आरक्षण की मांग को लेकर आगे क्या राजनीतिक कदम उठाए जाते हैं।




