Sonbhadra News : योगी सरकार के मंत्री का बेतुका बयान, तेरही कार्यक्रम को बताया बकवास
एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए योगी सारकार के स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने एक ऐसा बयान दिया है जिसकी लोग खूब चर्चा व निंदा कर रहे हैं।

स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल
sonbhadra
6:19 PM, March 27, 2025
शान्तनु कुमार
सोनभद्र । एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए योगी सारकार के स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने एक ऐसा बयान दिया है जिसकी लोग खूब चर्चा व निंदा कर रहे हैं। एक समाज द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में शिरकत करने पहुंचे जिले के प्रभारी व योगी सरकार में स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि मृत्यु के बाद आयोजित तेरही का कार्यक्रम बकवास है, यह गरीबों पर आर्थिक बोझ डालता है ।
मंत्री का यह बयान लगातार सोशल मीडिया में ट्रोल हो रहा है। लोग इसे सनातन धर्म का अपमान बता रहे हैं । मंत्री रविन्द्र जायसवाल का बेतुका बयान आया तो कांग्रेस ने घेरना शुरू कर दिया । एनएसयूआई कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सचिव राघवेंद्र नारायण ने कहा कि प्राचीन काल से चली आ रही सनातन धर्मियों की महत्वपूर्ण परंपरा तेरही कार्यक्रम को स्वतंत्र प्रभार मंत्री स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन रवींन्द्र जायसवाल ने समाज के लिए बकवास बताया है, जिससे इनका असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि अमृत काल में स्नान करने से परलोक सुधरता है और तेरही करने से परलोक बिगड़ता है, भाजपा आखिर चाहती क्या है ।
भाजपा का मकसद सनातन को मजबूत करना नहीं बल्कि सनातनियो से वोट बटोरना है । एक तरफ ये मंदिर की बात करते है , करोड़ों लोगों के कुंभ अमृत स्नान की बात करते हैं , लोक के साथ परलोक को सुधारने की बात करते है , वहीं दूसरी तरफ़ इनके मंत्रीगण घूम घूम कर तेरही जैसे प्राचीनतम धार्मिक संस्कारों के विरोध की बात करते है।
वहीं पूर्वांचल नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने कहा कि सनातनी सरकार के मंत्री रविन्द्र जायसवाल को सनातन धर्म के ज्ञान का अभाव है। चर्चा में बने रहने और विशेष वर्ग जाति के लोगों को खुश करने के लिए ऐसे विवादित बयानों के चलन का शिकार हो रहे हैं मंत्री जी।
गिरीश पाण्डेय ने बताया कि मनुष्य की जीवन में गर्भाधान संस्कार, पुंसवन, सीमांतोयंत्रण, जातकर्म, नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन, चूड़ाकर्म, कर्णवेध, विद्यारम्भ, उपनयन, वेदारम्भ, केशान्त, समावर्तन विवाह, अंत्येष्टि जैसे सोलह संस्कार किए जाने का प्रमाण हमारे धर्म ग्रंथों में वर्णित है। जिसमें अंत्येष्टि संस्कार का समापन तेरही के दिन घर, परिवार, रिश्तेदार नातेदारों को भोज कराकर किया जाता है। गिरीश पाण्डेय ने मंत्री रविन्द्र जायसवाल पर ब्राम्हण विरोधी होने का आरोप लगाया है।




