Sonbhadra News : 15 दिन में काम या कार्रवाई! एफपीओ मामलों पर डीएम का सख्त अल्टीमेटम
जनपद में कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार स्थित जनसुनवाई कक्ष में एफपीओ प्रतिनिधियों के साथ....

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7:34 PM, June 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• कोल्ड स्टोरेज, पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन और प्रसंस्करण इकाइयों के प्रस्तावों पर होगी त्वरित कार्रवाई
सोनभद्र । जनपद में कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार स्थित जनसुनवाई कक्ष में एफपीओ प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न एफपीओ द्वारा रखी गई समस्याओं और विकास संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उमामेश्वर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के प्रतिनिधियों ने मशरूम उत्पादन को मिड-डे मील योजना से जोड़ने, 500 किसानों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने तथा टमाटर एवं मिर्च प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए ऋण स्वीकृत करने की मांग रखी। वहीं कर्माई फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से पॉलीहाउस स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस पर जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि उक्त परियोजना को 50 प्रतिशत अनुदान के तहत स्वीकृत कराने की प्रक्रिया संचालित की जा सकती है।
बैठक के दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऑर्गेनिक धान एवं गेहूं उत्पादन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। घोरावल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। इसके अलावा घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में नए एफपीओ गठन तथा मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के विषय पर भी मंथन किया गया।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में प्राप्त प्रस्तावों और समस्याओं के समाधान हेतु 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना, डीपीआर एवं प्रस्तुतीकरण तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों और एफपीओ से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य प्रगति नहीं मिलने अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 दिन बाद पुनः पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सभी प्रस्तावों और परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।




