Sonbhadra News : 33% आरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा सशक्त प्रतिनिधित्व, अधिनियम पर मंथन
नारी सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं मेडिकल कॉलेज की....

sonbhadra
5:05 PM, April 17, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । नारी सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ0 दीप्ती सिंह तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ0 गीता जायसवाल ने की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ0 दीप्ती सिंह ने कहा कि "भारत सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य विधायी निकायों में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाना और नीति निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। इन प्रक्रियाओं के बाद ही महिला आरक्षण प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। अधिनियम के अनुसार, यह आरक्षण प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए लागू रहेगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही प्रत्येक परिसीमन के बाद सीटों का रोटेशन किया जाएगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर मिल सके।"
डॉ0 दीप्ती सिंह ने बताया कि "वर्तमान में संसद में महिलाओं की भागीदारी लगभग 15 प्रतिशत है, जो इस अधिनियम के लागू होने के बाद उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगी। उन्होंने इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के साथ-साथ देश के समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।"
इस अवसर पर डॉ0 गीता जायसवाल ने कहा कि "यह कानून महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी दिलाने के साथ ही एक सशक्त और समानतामूलक समाज की स्थापना में मील का पत्थर साबित होगा।"
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विद्या देवी, प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी इन्द्रावती देवी सहित दीपिका सिंह और साधना मिश्रा ने भी अपने विचार रखते हुए अधिनियम की सराहना की।




