Sonbhadra news : मुख्यमंत्री के ‘गड्ढामुक्त सड़क’ अभियान को ठेंगा?
विकास खंड रॉबर्ट्सगंज की ग्राम पंचायत बेलछ से सामने आई जमीनी तस्वीर सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है।

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1:06 PM, October 8, 2026
- बेलछ ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने खोली बदहाल संपर्क मार्गों की पोल, 7 स्थानों पर सड़क निर्माण व मरम्मत की मांग
राकेश चौबे
मारकुंडी (सोनभद्र)। मुख्यमंत्री द्वारा त्योहारों से पहले प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त और आवागमन योग्य बनाने के निर्देशों के बीच विकास खंड रॉबर्ट्सगंज की ग्राम पंचायत बेलछ से सामने आई जमीनी तस्वीर सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है। गांव के विभिन्न टोलों में बदहाल संपर्क मार्गों को लेकर ग्रामीणों ने समाज कल्याण राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन को प्रार्थना पत्र भेजकर सड़क निर्माण एवं मरम्मत की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कई संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल हैं। कहीं सड़क कच्ची है तो कहीं मरम्मत के अभाव में रास्ते की हालत बेहद खराब हो चुकी है। बारिश के बाद स्थिति और विकट हो जाती है। ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, मरीजों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन 7 मार्गों को लेकर उठाई गई मांग
ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्राम पंचायत बेलछ के विभिन्न हिस्सों में करीब 700 मीटर से लेकर 2 किलोमीटर तक के संपर्क मार्गों के निर्माण एवं मरम्मत की मांग की गई है।
- शिव सागर के घर से मोरया पहाड़ी तक करीब 2 किलोमीटर मार्ग।
- गुलाब बैर के घर से बच्चा यादव के घर तक करीब 700 मीटर मार्ग।
- संजय के घर से संबंधित संपर्क मार्ग तक करीब 1 किलोमीटर मार्ग।
- रामलखन के घर से कोलेश्वर के घर तक करीब 700 मीटर मार्ग।
- संपर्क मार्ग से रामसुरेश के घर तक करीब 1 किलोमीटर मार्ग।
- संपर्क मार्ग से मेघनाथ के घर तक करीब 800 मीटर मार्ग।
- शंकर पटारी के घर से बैर बस्ती संपर्क मार्ग तक करीब 800 मीटर सड़क।
कागज से निकलकर धरातल पर कब पहुंचेगा अभियान?
मुख्यमंत्री के गड्ढामुक्त सड़क अभियान के बीच ग्रामीणों की यह शिकायत स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग केवल कागजी कार्यवाई तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर पहुंचकर सभी मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करे और आवश्यकतानुसार निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू कराए।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क महज आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि स्कूल, बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार तक पहुंच का प्रमुख साधन है। बदहाल संपर्क मार्गों के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री के गड्ढामुक्त सड़क अभियान की नजर बेलछ के इन बदहाल संपर्क मार्गों पर कब पड़ेगी? क्या संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लेकर मौके पर कार्यवाई करेगा या फिर सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगी?




